LPU हिंसा मामले में बड़ा खुलासा, पूर्व छात्र फरहत देव पर गुंडों को बुलाकर तोड़फोड़ करवाने का आरोप; CCTV फुटेज वायरल
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में हुई हिंसा के मामले में पूर्व छात्र फरहत देव पर छात्रों को भड़काने और तोड़फोड़ की साजिश में शामिल होने का आरोप लगा है।

एलपीयू की छात्रा का दावा, जम्मू के पूर्व छात्र ने गुंडों को अंदर बुलाया, तोड़फोड़ करवाई।
HighLights
एलपीयू हिंसा में पूर्व छात्र फरहत देव रडार पर।
छात्रा राम्या मिश्रा ने फरहत पर लगाए गंभीर आरोप।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज से संदिग्धों की पहचान कर रही है।
जागरण संवाददाता, जालंधर। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में हुई हिंसा के मामले में यूनिवर्सिटी के छात्र और कुछ पूर्व छात्र भी रडार पर हैं। ये लोग भी विद्यार्थियों को भड़काने, तोड़फोड़ व लूटपाट करने की साजिश का हिस्सा हो सकते हैं।
यूनिवर्सिटी की राम्या मिश्रा नाम की एक छात्रा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट में एक सीसीटीवी फुटेज का वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि खुद को इन्फ्लुएंसर होने का दावा करने वाला यूनिवर्सिटी का पूर्व छात्र फरहत देव इस साजिश में शामिल है।
फुटेज में दिख रहा है कि 27 सितंबर यानी रविवार की रात को एक युवक छात्र कल्याण विभाग (डीएसडब्लयू) में दाखिल होता है, जिसका नाम फरहत देव है। अंदर आकर वह बाहर लोगों (गुंडों) को इशारा करके अंदर बुलाता है। एक युवक अंदर आकर सबसे पहले कैमरे को डंडे से तोड़ता है। वीडियो में मुंह ढके कुछ युवकों के हाथों में तेजधार हथियार दिख रहे हैं।
पुलिस ऐसे करीब आठ से दस संदिग्ध युवकों की पहचान करने में जुटी है। उसका नाम मोहम्मद फरहत है। (इंस्टाग्राम अकाउंट नाम फरहत देव) मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ का रहने वाला है। वह एलपीयू का पूर्व छात्र है। छात्रा राम्या ने एक और दावा किया कि यह पूर्व छात्र धरने के लिए और तोडफोड़ करने के दौरान अलग-अलग कपड़े पहनकर आया था।
मुझे एक वीडियो के आधार पर जिम्मेदार ठहराया जा रहा : फरहत
मोहम्मद फरहत ने इंटरनेट मीडिया पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसे उन घटनाओं के लिए भी जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जिनमें उसकी कोई भूमिका नहीं थी। वह मौके पर मौजूद था, लेकिन उसने लोगों को तोड़फोड़ करने से रोकने की कोशिश की।
वह डीएसडब्ल्यू के अंदर गया था, लेकिन इसके बाद साहिल नाम के व्यक्ति के बुलाने पर बाहर आ गया। बाद में वह लोगों से तोड़फोड़ रोकने और शांत रहने के लिए कह रहा था। उसने दावा किया कि उसके पास ऐसे वीडियो हैं, जिनसे उसकी ओर से किए गए प्रयासों का पूरा संदर्भ सामने आ सकता है। जहां उसकी गलती होगी, वह उसकी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार है।
पुलिस फुटेज व वीडियो से कर रही पहचान
हिंसा में शामिल लोगों की पहचान के लिए पुलिस एलपीयू के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और इंटरनेट मीडिया पर शेयर वीडियो को भी खंगाल रही है। पुलिस का फोकस उन लोगों की पहचान पर है, जो वीडियो में चेहरे ढककर परिसर में घूमते या हथियार लेकर दिखाई दे रहे हैं।
