जालंधर, जेएनएन। पूर्व मेयर सुनील ज्योति ने पंजाब सरकार और नगर निगम पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि कांग्रेस सरकार के तीन साल और नगर निगम के दो साल के कार्यकाल में राज्य और शहर की बर्बादी हुई है। पूर्व मेयर ने कहा कि मेयर जगदीश राजा ने तो खुद स्वीकार किया है कि वह जिम्मेवारी निभाने में फेल हुए हैं। विधायकों ने भी पुराने चल रहे कामों पर अपना नाम लिखवाने के लिए जिस तरह से व्यवहार किया है, उससे साबित होता है कि फेल होने के बावजूद वह वाहवाही लूटने में कसर नहीं छोड़ना चाहते।

सुनील ज्योति ने कहा कि जब मेयर जगदीश राजा ने जब खुद को नाकाम मान लिया है, तो उन्हें नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। एक नाकाम व्यक्ति को मेयर जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की ग्रांट से चल रहे हैं और कांग्रेस नेता वर्ष 2016 में जालंधर के स्मार्ट सिटी में आने को अब कैश कर रहे हैं, जबकि निगम दो साल में कुछ नहीं कर पाई है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में लगभग 2000 करोड़ रुपये के काम होने हैं, जिसमें 1000 करोड़ रुपये केंद्र सरकार ने देना है।

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को नुकसान पहुंचा रही कांग्रेस

केंद्र के निर्देश पर 2016 में स्पेशल पर्पज व्हीकल स्मार्ट सिटी लिमिटेड को स्मार्ट सिटी का काम सुचारू रूप से चलाने और राजनीतिक दबाव मुक्त रखने के बनाया था। इस कंपनी को सीईओ ने चलाना था लेकिन पंजाब सरकार की गंभीरता का पता इसी बात से चलता है कि ढाई सालों में 6 सीईओ बदल दिए गए हैं। इससे प्रोजेक्ट को नुकसान पहुंचा है। कांग्रेस नेता स्मार्ट सिटी के मूल सिद्धांत से नुकसान पहुंचा कर अपने हिसाब से प्रोजेक्ट को बदल रहे हैं।

 

 

 

 

 

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