जागरण संवाददाता, जालंधर : सरकारी अस्पतालों में नेशनल हेल्थ मिशन के तहत एक साल तक के लड़के, एक से पांच साल तक की लड़कियां तथा इमरजेंसी 24 घंटे मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर मंडरा रहा संकट टल गया है। राज्य के फरीदकोट व मोहाली के सरकारी अस्पतालों में यह सेवाएं बाधित होने के बाद सेहत विभाग की नींद टूटी। शहीद बाबू लाभ सिंह सिविल अस्पताल समेत जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में इन सेवाओं को लेकर स्टाफ और अधिकारी कशमकश में फंसे हुए है। हालांकि, सिविल सर्जन ने सेवाओं को बिना बाधा चलाने की बात कही है।

नेशनल हेल्थ मिशन की ओर से फंड के हैड में बदलाव के चलते राज्य के फरीदकोट, मोहाली समेत राज्य के विभिन्न जिलों के सरकारी अस्पतालों में फंड के अभाव के कारण बच्चों के लिए मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गई थीं। लोगों में हड़कंप मचने के बाद सेहत विभाग बैकफुट पर आया और सेवाएं सुचारू रूप से जारी रखने की हिदायतें दीं। हालांकि, जिला जालंधर के सरकारी अस्पतालों में बच्चों के लिए मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू ढंग से चलती रहीं।

नेशनल हेल्थ मिशन के वित्त निदेशक नीरज सिगला का कहना है कि इन सेवाओं को लेकर राज्य में फंड में किसी भी प्रकार की दिक्कत नही है। केंद्र सरकार ने फंड का हैड बदला है और अब नए हैड के तहत फंड मिलेगा। सरकारी अस्पतालों में उक्त सेवाएं बंद करने की कोई हिदायतें जारी नहीं की गई हैं और पहले की तरह ही चलती रहेंगी। सिविल सर्जन डॉ. गुरिदर कौर चावला ने बताया कि उक्त कैटेगिरी की सेवाएं बंद करने के लिए विभाग की ओर से किसी प्रकार के आदेश जारी नहीं हुए हैं। फंड को लेकर विभागीय बदलाव हुआ है, जिसका सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा है। जिला जालंधर में उक्त कैटेगिरी के लिए मुफ्त सेवाएं सुचारू ढंग से चल रही ह

Posted By: Jagran

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