जालंधर, जेएनएन। धान खरीद की बिल अदायगी के बदले 22 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए एफसीआइ के इंस्पेक्टर को विजिलेंस ब्यूरो ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर राज शेखर चौहान प्रति कट्टे के बदले चार रुपये और कुल 60 हजार रिश्वत मांग रहा था। दूसरी किश्त के तौर पर शुक्रवार को यह पैसे दिए गए, लेकिन विजिलेंस ने डीएसपी विनोद कुमार की अगुवाई में ट्रैप लगाकर उसे दबोच लिया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।

विजिलेंस ब्यूरो के एसएसपी दलजिंदर सिंह ने बताया कि निर्मल सिंह की भोगपुर में फोकल प्वाइंट कुराला के पास सेखों कमीशन एजेंट के नाम से आढ़त की दुकान है। उसकी आढ़त पर साल 2019-20 में किसानों के रखे धान में से एफसीआइ ने 16,803 कट्टे की खरीद की थी। इसके कुछ बिलों की अदायगी अभी बाकी थी। इस संबंध में शिकायतकर्ता निर्मल सिंह 22 नवंबर को एफसीआइ करतारपुर डिपो के इंस्पेक्टर-एजी-टू टेक्निकल राज शेखर चौहान को मिला। उससे बकाया बिलों की अदायगी के बारे में बात की।

इस पर एफसीआइ इंस्पेक्टर ने उसे कहा कि अगर अपने बिल पास कराने हैं तो चार रुपये प्रति कट्टे के हिसाब से 65 हजार रुपये दे दो। पैसे न दिए तो उसके बिलों की अदायगी नहीं होगी। शिकायतकर्ता की काफी मिन्नतें करने के बावजूद इंस्पेक्टर अड़ा रहा और अंत में 60 हजार रुपये मांगे। उस समय निर्मल सिंह के पास 500-500 के नोट में दस हजार रुपये थे, जो उसने इंस्पेक्टर को दे दिए। इसकी अगली किश्त के तौर पर 22 हजार आढ़त की दुकान से लाकर देने की बात कह वह लौट आया।

इसकी शिकायत मिलने पर विजिलेंस के डीएसपी विनोद कुमार ने इंस्पेक्टर मनदीप सिंह, इंस्पेक्टर विक्रांत सलारिया की अगुवाई में टीम गठित की। इसके बाद सरकारी शेडो गवाह वाटर सप्लाई व सीवरेज के एसडीओ बलराज सिंह, सरकारी गवाह पीडब्ल्यूडी के सहायक इंजीनियर सुशील कुमार को साथ लेकर ट्रैप लगाया गया। जिसके बाद डीएसपी विनोद कुमार की अगुआई वाली विजिलेंस टीम ने उसे 22 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

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Posted By: Sat Paul

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