जागरण संवाददाता, जालंधर

अर्बन एस्टेट रोड के रहने वाले 18 वर्षीय सौरभ के मुताबिक कोरोना पर फतेह हासिल करने में सकारात्मक सोच व फतेह किट काफी सहायक रही। केवल सकारात्मक सोच व बेहतर खुराक से इस बीमारी से निजात पाई जा सकती है।

उसने बताया कि अप्रैल में बुखार व सिर दर्द के बाद डाक्टर से जांच करवाई। दो दिन की दवाई के बाद भी फर्क नहीं पड़ने पर डाक्टर की सलाह पर ही कोरोना टेस्ट करवाया। इसमें वह पाजिटिव आया। टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद भी हौसला नहीं छोड़ा। सरकारी हेल्थ सेंटर से उपचार शुरू करवाया। इसमें बुखार से लेकर खांसी व नजले की दवाई लेकर होम क्वारंटाइन हो गया। वह बताता है कि सेहत विभाग को जब उनके पाजिटिव आने की सूचना मिली तो विभाग द्वारा उन्हें फतेह किट दी गई। इसमें कई तरह के उपकरण थे। इसकी मदद से अपने स्वास्थ्य को लेकर हर पल अपडेट रहा। उसने कहा कि रिपोर्ट नेगटिव आने के बाद भी कोरोना को लेकर सजग रहने की जरूरत है। इसमें चेहरे पर मास्क, शारीरिक दूरी से लेकर तमाम तरह के सरकारी निर्देशों का पालन करना जरूरी है।