संवाद सूत्र, सरना। पठानकोट-अमृतसर नेशनल हाईवे के लदपालवां टोल प्लाजा पर भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां और पंजाब किसान मजदूर यूनियन की ओर से जिला पुलिस प्रशासन व खनन विभाग की धक्केशाही के खिलाफ टोल प्लाजा बंद करवा दिया गया। इस दौरान ब्लाक प्रधान पुराना शाला गुरु प्रताप सिंह और ब्लाक प्रधान मजीठा जोगिंदर सिंह, परमजीत सिंह, कुलविंदर सिंह, मनजीत सिंह, सुरजीत सिंह, मनिंदर सिंह, सुरेंद्र कुमार महेंद्र पाल, सोहन सिंह, बलविंदर सिंह व किसान यूनियन के नेताओं ने धरना दिया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन व खनन विभाग रोड पर ट्रक व टिप्पर में रेत, बजरी आदि लेकर जा रहे चालकों को रास्ते में रोक कर परेशान कर रहा है। यहां तक कि कई लोगों पर इन लोगों ने पर्चे भी दर्ज कर दिए हैं।

बोले, मंदी की मार झेल रहे ट्रांसपोर्टर, परेशान करना बंद करे प्रशासन

नेताओं ने कहा कि ट्रांसपोर्टर वैसे ही मंदी की मार से त्रस्त हैं। ऊपर से जिला पुलिस प्रशासन व खनन विभाग किसी न किसी बहाने इन्हें परेशान कर रहे हैं। जब तक जिला पुलिस प्रशासन व पठानकोट का खनन विभाग इन ट्रांसपोर्टरों को परेशान करना बंद नहीं करता उनका धरना ऐसे ही जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आम आदमी पार्टी की सरकार से लोगों को बहुत सारी उम्मीदें थीं। रिवायती पार्टियों से तंग आकर लोगों ने पंजाब में बदलाव की सोच को लेकर आम आदमी पार्टी को वोट दिया था। वह अन्य पार्टियों से छुटकारा पाना चाहते थे और उनके डर के सताए हुए लोग खुद को कोस रहे हैं।

खनन नीति को लेकर विवादों में घिर रही है सरकार

उन्होंने कहा कि सरकार को बने लगभग छह महीने का समय बीत चुका है, लेकिन खनन नीति को लेकर सरकार विवादों में घिरती नजर आ रही है। अधिकतर काम रेत और बजरी से ही शुरू होते हैं। पिछले तीन महीने से रेत बजरी को लेकर पूरी तरह से हाहाकार मची हुई है। रेत पिछली सरकार के समय में 2500 रुपये सैकड़ां हुआ करती थी और अब 7000 रुपये सैकड़ां है। आसमान छूते रेत बजरी के दाम और अन्य राज्यों से ट्रांसपोर्ट कर लाने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें परेशान करने के लिए माइनिंग विभाग और पुलिस प्रशासन की ओर से जगह-जगह पर नाके लगाकर चेकिंग की जा रही है।

रेत-बजरी न मिलने से परेशान हैं कारोबारी

वहीं उन्होंने प्रदेश सरकार से गुहार लगाते हुए कहा कि तुरंत इंडस्ट्री को शुरू करवाया जाए। रेत बजरी से ही विकास कार्य भी शुरू हो सकेंगे। मजदूर, मिस्त्री, ट्रांसपोर्टर और कारोबारी, ठेकेदार रेत बजरी न मिलने की वजह से परेशान हैं। इस तरह से हालात दिन प्रतिदिन बदतर होते जा रहे हैं। वह दिन दूर नहीं जब लोग रोटी के लिए तरसेंगे। यूनियनों के पदाधिकारियों का कहना है कि अन्य राज्यों से आने वाले ट्रांसपोर्टरों को बिना तंग परेशान किए आने-जाने दिया जाए। जिन ट्रांसपोर्टरों पर बिना किसी आधार के पर्चे किए गए हैं उनको तुरंत रद किया जाए। अन्यथा आने वाले समय में उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। इसकी जिम्मेवारी प्रशासन और सरकार की होगी।

पुलिस के आश्वासन के बाद धरना किया समाप्त

उधर, टोल प्लाजा पर धरने के कारण लगे जाम के कारण मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।

सांसद की कोठी का भी किया घेराव, पीए को सौंपा मांगपत्र

संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने सोमवार दोपहर बाद सांसद सन्नी देओल की कोठी का घेराव किया। करीब आधा घंटा तक किसानों ने केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों को लेकर रोष जताया। इसके बाद किसानों ने सांसद सन्नी देओल व प्रधानमंत्री के नाम का मांग पत्र सांसद के सहायक पंकज जोशी को सौंपा।

किसान नेता बचन सिंह, दलजीत सिंह, विक्रम सिंह, हरजोत सिंह,गुरविंदर सिंह जिला प्रधान क्रांतिकारी किसान यूनियन ने कहा कि पिछले साल केंद्र सरकार ने उनकी मांगों को मानने की बात कही थी। इसके चलते उन्होंने अपना धरना उठाया था, लेकिन उसके बावजूद अभी तक कई मांगे पूरी नहीं हुईं हैं। इसी बात को लेकर सोमवार को उन्होंने सांसद के घर का घेराव किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अभी तक स्वामीनाथन रिपोर्ट पेश नहीं की, एमएसपी पर कानून बनाना, बिजली बिल में पराली वाला बिल वापस करना आदि कई मुद्दे हैं। इन पर केंद्र सरकार ने अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया।

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Edited By: Vinay kumar

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