जागरण संवाददाता, जालंधर : लोहड़ी के दिन लड़कियों के जन्म से लोगों के घर आंगन खुशियों से चहक उठे हैं। कुछ घरों में तो लंबे अरसे बाद लोहड़ी पर लक्ष्मी रूप में कन्या के जन्म को बड़े समारोह के रूप में मनाया जा रहा है। मिठाई की जगह लोहड़ी के पारंपरिक व्यंजन बांटकर खुशियां मनाई जा रही हैं। शहर के सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों में 17 बच्चों ने जन्म लिया। निजी अस्पतालों में ज्यादातर जन्म लेने वाले लड़के थे परंतु सिविल अस्पताल में 4 लड़कियों ने भी जन्म लिया। लोहड़ी पर घर में 'लक्ष्मी' के आगमन पर परिजनों ने जमकर खुशियां मनाईं।


रैनक बाजार के निकटवर्ती मोहल्ला कोट बहादुर खान के रहने वाले संजू से घर पहली संतान के रूप में कन्या ने जन्म लिया है। लड़की के जन्म को लेकर उनकी खुशियों का कोई ठिकाना नहीं है। संजू की पत्नी किरण ने सिविल अस्पताल में सुबह करीब 6 बजे जन्म दिया। संजू का कहना है कि उनकी पत्नी किरण की गोद में एक परी आई है और उन्होंने उसका नाम एंजल रखा है। उनके परिवार में 17 साल पहले उसकी छोटी बहन नायना ने जन्म लिया था और उसके बाद लोहड़ी के दिन एंजल खुशियों की बहार लेकर आई है। वह घर में लोहड़ी मना रहे हैं।

एंजल के जन्म की सूचना मिलते ही अस्पताल में उनकी बुआ स्नेह लता, सुशीला, नायना, सन्नी व राहुल भी मौके पर पहुंच गए और मिठाई की जगह लोगों में रेवड़ी और मूंगफली बांटकर लोहड़ी मनाना शुरू कर दिया था।
 

उधर, झुग्गियां गांव संघवाल में रहने वाले जर्मन सिंह की पत्नी शालू ने भी पहले बच्चे के रूप में बेटी को जन्म दिया। उनका कहना है कि उनके घर में 23 साल पहले उनकी बहन ने जन्म लिया था और अब अगली पीढ़ी की शुरुआत सुशील कन्या ने चरण डालकर उनके घर में खुशियों के द्वार खोले हैं।
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लिंग अनुपात (0-6 साल)
जालंधर 922/1000
पंजाब 895/1000
भारत 933/1000


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बाल मृत्यु दर
जालंधर 17.2/1000
पंजाब  22/1000
भारत 44/1000

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Posted By: Pankaj Dwivedi

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