यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 10, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जानें दुनिया भर में क्यों मशहूर हो रहा है जालंधर का लिटिल मास्टर मेधांश, साफ्टवेयर कंपनी का है सीईओ 11 साल का बच्चा
Jalandhar Little Master जालंधर के लिटिल मास्टर की ख्याति अब विदेश तक पहुंच रही है। 11 साल के मेधांश ने ...और पढ़ें

जालंधर , [प्रियंका सिंह]। Jalandhar Little Master : पंजाब के जालंधर का 11 साल का मेधांश सही मायने में नन्हे उस्ताद (Little Master) है। वह अपनी अद्भूत प्रतिभा से सभी को कायल बना रहा है। मेधांश की ख्याति पंजाब के साथ-साथ देश विदेश तक पहुंच गई है। वह अब तक 50 से अधिक साफ्टवेयर डवलप कर चुका है। उसकी अपनी कंपनी है और उसका वह सीईओ है।
मेधांश अब तक बना चुका है 50 से अधिक साफ्टवेयर, चुनावों पर बनाया 'मिशन खुशहाल पंजाब' साफ्टवेयर
सेंट जोसेफ स्कूल में छठी कक्षा में पढ़ रहे मेधांश कुमार गुप्ता ने 11 साल की उम्र में साफ्टवेयर डिवेलपर के तौर पर अपनी खास पहचान बना ली है। 50 से अधिक साफ्टवेयर बनाकर उन्होंने दुनियाभर में अपने शहर और अपने देश का नाम रोशन किया है। वह अपनी एंटर प्रोकोडर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में वह सीईओ है। यही नहीं अपने से तीन गुना ज्यादा उम्र वाले विद्यार्थियों को इनफारमेशन टेक्नोलॉजी का ज्ञान भी दे रहा है। मेधांश ने आने वाले चुनावों को लेकर एक साफ्टवेयर 'मिशन खुशहाल पंजाब' बनाया है जिसके जरिए बच्चे और माता-पिता को अपने मनपसंद और अच्छे नेताओं का चयन कर सकेंगे।
मेधांश का जन्म 2010 में संदीप कुमार गुप्ता और मोनिका गुप्ता के घर डिफेंस कॉलोनी में हुआ। संदीप और मोनिका की अपनी आईटी कंपनी है और उसमें दोनों डायरेक्टर हैं। मेधांश 5 साल की उम्र से ही कंप्य़ूटर कोडिंग करने लग गया था। वह स्कूल से सीधे कंपनी में आता और अन्य बच्चों एवं अपने माता पिता को साफ्टवेयर बनाते देखता रहता और कंप्यूटर में कोई तस्वीर या फिर गाड़ी का डिजाइन बनाने लग जाता।
जिस उम्र में बच्चे खिलौनों के साथ खेलते हैं उस उम्र में उसने बड़ी कामयाबी प्राप्त की केवल 9 साल की उम्र में www.21stjune.com साफ्टवेयर बनाया। उसे वर्ल्ड योगा डे पर लांच किया गया। इसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा एक पर एक कई सॉफ्टवेयर बनाते गए। जिसमें www.coronafreeworld.com www.missionfateh.com , www.stayalertstaysafe.in , www.sgpcamritsar.org और MissionFateh.com की वेबसाइट को इन्होंने ही डिजाइन किया। इनके प्रचार के लिए एक वीडियो भी बनाई। ये प्रसिद्ध और प्रचलित साफ्टवेयर हैं जिन्होंने मेधांश को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।
मेधांश को नन्ही उम्र में मिल चुके हैं कई सम्मान

एक सम्मान पत्र के साथ मेधांश कुमार गुप्ता। (फाइल फोटो)
मेधांश का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड, वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड जैसे अन्य कई रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है। इसके बाद उसे ईएसीसी यूरोपियन एशिया चेंबर ऑफ कॉमर्स कंपनी ने बुलाया और सम्मानित किया। अब तक पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, विजय सांपला, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, पंजाब के शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला, सांसद अनुराग ठाकुर, बीबी जागीर कौर, जालंधर के डीसी घनश्याम थोरी के साथ अन्य कई मंत्रियों से सम्मानित हो चुके हैं।
अब लोग चुन सकेंगे अपने प्रदेश का सही नेता
मेधांश ने missionkhushhalPunjab.com वेबसाइट बनाई है। उसका कहना है कि इससे लोगों को सही और अच्छा नेता चुनने में आसानी होगी। इस साफ्टवेयर के जरिए बच्चे और उनके माता-पिता सही नेता की पहचान कर उसे वोट दे सकेंगे। बच्चों को इसमें अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा उसके बाद उन्हें तीन चरण में ट्रेनिंग दी जाएगी।
मेधांश का कहना है कि इसके तहत पॉलिटिक्स, सेहत और कोडिंग के बारे में बताया जाएगा ताकि वह भी जागरूक हो और अपने लिए सही निर्णय ले सके। इसमें बच्चों के रिव्यू लिए जाएंगे कि वे आखिर का क्या चाहते हैं। क्योंकि, लाकडाउन के कारण बच्चे भी घर में रह रहे हैं और उनके घर में राजनीति को लेकर जो बातें चलती हैं वह उसे सुन रहे हैं तो अभी सबसे जरूरी है उनके विचार जाने कि आखिरकार वह क्या चाहते हैं।
समाज की मदद करना चाहते हैं मेधांश
मेधांश एक बहुत बड़ा बिजनेसमैन और समाज सेवक बनना चाहता है। उसका कहना है कि वह इस तरह की वेबसाइट बनाना चाहता है जिससे लोगों को मदद मिले और बिना किसी खर्च के उस वेबसाइट से कोई भी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें। मेधांश अपने माता पिता को अपना रोल मॉडल मानते हैं। वह कहता है, मैं जब भी कोई वेबसाइट बनाता हूं तो मेरे माता-पिता गाइड करते हैं।
