जागरण संवाददाता, जालंधर : छोटी बारादरी पार्क-2 में जानवरों से हरियाली की सुरक्षा के लिए 8 में से बंद किए गए 4 गेट भी खुलवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) को पत्र लिखा है। पत्र की प्रति पार्क की मेंटीनेंस करने वाली वेलफेयर सोसायटी को भी भेजी गई है।

छोटी बारादरी पार्क-2 काफी समय तक उपेक्षित रहा था। नगर निगम ने इसकी मेंटीनेंस कराना तो दूर यहां नियुक्त माली को भी किसी दूसरी जगह पर लगा दिया था। बाद में कुछ सालों से पार्क का मेंटीनेंस स्थानीय लोगों की वेलफेयर कमेटी ने करना शुरू कर दिया। पार्क में पौधे व घास आदि लगवाए। फिर जानवरों से हरियाली को बचाने के लिए पार्क के 8 में से चार गेटों को बंद कर दिया था। केवल उन्हीं गेटों को खुला रखा था जिसमें से लोग पार्क में जा सकें।

कांग्रेस नेता संजय सहगल ने पार्क के सभी गेट खुलवाने के लिए पहले पुडा के अधिकारियों को और फिर 17 मई को पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी। उन्होंने वेलफेयर सोसायटी पर पार्क पर कब्जा करने का आरोप लगा दिया। वेलफेयर सोसायटी के लोगों ने कांग्रेस नेता पर आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता सहगल खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत तो करवा नहीं पा रहे, लोगों द्वारा मेंटेन किए जा रहे पार्क को भी बर्बाद करना चाहते हैं।

कांग्रेस नेता संजय सहगल का कहना है कि डवलपमेंट सिर्फ पार्क के गेट बंद करने से नहीं होता है। पार्क में जाने से किसी को रोका नहीं जा सकता है। पार्क सार्वजनिक प्रॉपर्टी है। एबीवीपी नेता अर्जुन ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की थी शिकायत

इसके बाद वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़े एबीवीपी नेता अर्जुन त्रेहन ने इस मामले में केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को शिकायत पत्र लिखकर कांग्रेस नेता सहगल पर आरोप लगाया था कि वह पार्क की हरियाली खत्म करने की साजिश रच रहे हैं। इस पर मंत्रालय ने कार्रवाई के लिए 4 जून को पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र लिखा है। हालांकि मामला पुलिस में पहुंचने के बाद पार्क के सभी गेट खुलवा दिए गए थे।

Posted By: Jagran

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