जालंधर, जेएनएन। नकोदर रोड पर लवली स्वीट्स के नजदीक प्रीत होटल के सामने सरेबाजार नशे में धुत गुंडों ने उन पर कार्रवाई करने पहुंचे पुलिस कर्मचारियों को ही पीट डाला। उन्होंने एक मुलाजिम को पीट-पीटकर उसकी पगड़ी उतार दी तो और महिला कांस्टेबल के पेट में लातें मारी। नशे में धुत गुंडे इस कदर बेखौफ थे कि पुलिस कर्मचारियों को अपनी जान बचाने के लिए भागकर छिपना पड़ा। गुंडागर्दी को अंजाम देने के बाद गुंडे पैदल ही वहां से चलते बने। इसके बाद थाना चार के एसएचओ रछपाल सिंह मौके पर पहुंचे। अभी तक गुंडों के बारे में कुछ भी पता नहीं चल सका है। एसएचओ ने कहा कि दोनों पीसीआर मुलाजिमों के बयान दर्ज कर लिए हैं और एक आरोपित की पहचान हो गई है। उनके खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है।

महिला कांस्टेबल की जुबानी, गुंडागर्दी की कहानी

महिला कांस्टेबल किरनजीत कौर ने कहा कि वह थाना चार के अधीन आते इलाके की पीसीआर नंबर आठ में तैनात है। बुधवार शाम को वो गश्त कर रहे थे तो लवली स्वीट्स के नजदीक उन्हें सड़क पर कुछ लोगों में झगड़ा होता दिखा। वे मामले का पता करने लगे। झगड़ा कर रहे युवकों ने हद से ज्यादा नशा किया हुआ था। जब हम पहुंचे तो झगड़ा हो रहा था। हमने झगड़ा करने वालों से कारण पूछा और उन्हें रोकने की कोशिश की तो एक नशेड़ी युवक ने उन ही हाथ उठा दिया। उनके पेट पर लातें मारी। धक्कामुक्की की। गुंडों ने कांस्टेबल सुखवंत सिंह की पगड़ी तक उतार दी। इसके बाद हमने किनारे होकर अपना बचाव किया। फिर हमने अपने एसीपी को सूचना दी। फिर चार नंबर पुलिस पहुंची। नशे में धुत इन युवकों ने दुकानदार के साथ भी झगड़ा किया।

पुलिस पिटी, अधिकारी हाल जानने तक नहीं पहुंचे

शहर के लोगों की सुरक्षा के लिए तैनात कमिश्नरेट पुलिस के खुद के मुलाजिमों की पिटाई होने से पुलिस की खूब किरकिरी हो रही है। हालात इतने बदतर हैं कि किसी उपलब्धि के लिए तो अफसरों की फौज पहुंच जाती है लेकिन विभाग के ही मुलाजिमों की पिटाई के बाद कोई भी बड़ा अधिकारी मौके पर उनका हालचाल जानने तक नहीं गया।

दो मुलाजिमों के सहारे पीसीआर वैन, हथियार के तौर पर डंडे

सरे बाजार हुई मारपीट की इस घटना से अब अफसरों की पीसीआर मैनेजमेंट पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस की पीसीआर वैन में सिर्फ दो ही कर्मचारियों की ड्यूटी थी। इस मामले से किसी भी संगीन हालातों में कार्रवाई के लिए सबसे पहले पहुंचने वाली पीसीआर की व्यवस्था के प्रति पुलिस अफसरों की यह घोर लापरवाही भी उजागर हुई है। हथियार के नाम पर उन्हें सिर्फ डंडे पकड़ाए गए हैं। पीसीआर इंचार्ज शीशपाल का दावा है कि कर्मचारियों को हथियार भी मुहैया कराए गए हैं लेकिन मौके पर कर्मचारी हथियार नहीं निकाल सके और डंडा लेकर ही पूछताछ करने लगे थे।

बड़ा सवाल, ऐसे कैसे होगी शहर में महिला सुरक्षा?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक तरफ पुलिस कमिश्नरेट रात में महिलाओं को सुरक्षित घर छोड़ने का दावा करता रहती है। रात को यही पीसीआर की टीम इलाके के एसएचओ को साथ लेकर महिलाओं को घर छोड़ने जाती है। इस मामले में खुद पुलिस की ही महिला कांस्टेबल को कुछ नशेड़ी पीट गए।

चोरों की चुनौती के बाद पुलिस की पिटाई

शहर में अमन-कानून को लेकर कमिश्नरेट पुलिस लगातार सवालों में हैं। लॉ एंड ऑर्डर, इन्वेस्टिगेशन व ट्रैफिक के साथ पीसीआर के लिए अलग-अलग डीसीपी होने के बावजूद शहर में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ रही हैं। दो दिन पहले ही राजा गार्डन इलाके में चोरों ने पुलिस को खुली चुनौती देते हुए चिट्ठियां छोड़ीं कि वो फिर चोरी करने आएंगे और अब सरेआम बीच चौराहों पर पुलिस वालों की ही पिटाई हो गई। ऐसे में आम आदमी की सुरक्षा को लेकर कमिश्नरेट पुलिस की अगुआई करने वाले अफसरों की क्षमता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

थाना पांच की महिला एसआइ से हो चुका है दु‌र्व्यवहार

शहर में तैनात महिला कर्मचारियों से बदसुलूकी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले गुरु रविदास चौक पर थाना पांच की महिला एसआइ से जांच के लिए रोके जाने पर एक व्यक्ति ने दु‌र्व्यहार किया था। पहले पुलिस ने इस मामले को दबा दिया था लेकिन खबरें छपी तो उक्त व्यक्ति के खिलाफ थाना पांच में केस दर्ज किया गया था।

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