जालंधर, जेएनएन। पंजाब रोडवेज प्रबंधन ड्राइवरों के हाथ स्टेयरिंग थमाने से पहले यह सुनिश्चित करेगा कि ड्राइवर नशेड़ी न हो। नशेड़ी ड्राइवर यात्रियों की जान के लिए खतरा न बन जाएं, इसलिए पंजाब रोडवेज प्रबंधन ड्राइवरों का डोप टेस्ट करवाएगा। डोप टेस्ट में चल जाएगा कि ड्राइवर शराब के अलावा भुक्की, अफीम अथवा सिंथेटिक नशे का आदी तो नहीं है। इसकी पुष्टि पंजाब रोडवेज के डिप्टी डायरेक्टर परनीत सिंह मिन्हास ने की है।

शराबी ड्राइवरों की पहचान करने के लिए पंजाब रोडवेज प्रबंधन पहले ही एल्कोमीटर उपलब्ध कराने की कवायद में लगा है। हालांकि यह सब काम इतना आसान नहीं होगा, क्योंकि पंजाब रोडवेज की बसों के रखरखाव में ही भारी आर्थिक संकट झेल रहा है। ऐसे में निकट भविष्य में एल्कोमीटर खरीद पाना और फिर उसे मेंटेन कर पाना आसान नहीं होगा।

अधिकतर ड्राइवर करते हैं भुक्की अफीम का सेवन

अधिकतर ड्राइवर शराब की बजाय भुक्की-अफीम अथवा सिंथेटिक नशे का सेवन करते हैं। ड्राइवर शराब की बजाय अन्य नशे का सेवन इसलिए सही मानते हैं, क्योंकि भुक्की-अफीम अथवा सिंथेटिक नशे का सेवन सूंघने से पकड़ में नहीं आता और यात्रियों को इसके बारे में आसानी से पता नहीं चलता। साथ ही इसे जेब में आसानी से रखा जा सकता है।

नशेड़ी ड्राइवर को ड्यूटी से हटा देंगे : परनीत मिन्हास

डिप्टी डायरेक्टर परनीत सिंह मिन्हास ने कहा कि समय-समय पर पंजाब रोडवेज के प्रत्येक डिपो में ड्राइवरों का मेडिकल चेकअप करवाया जाता है और सुनिश्चित करवाया जाता है कि ड्राइवर नशे के आदी ना हों। अब डोप टेस्ट को अनिवार्य बनाया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह के नशे के सेवन की जानकारी प्रबंधन को मिल सके। उन्होंने कहा कि जो भी ड्राइवर नशेड़ी पाया गया, उसे ड्यूटी से हटा दिया जाएगा और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। 

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