जालंधर, जेएनएन। पेट्रोल पंपों पर डिजिटल पेमेंट करने पर उपभोक्ताओं को मिलने वाला डिस्काउंट खत्म कर दिया गया है। अब उपभोक्ता अगर खरीदे गए ईंधन का भुगतान क्रेडिट अथवा डेबिट कार्ड से कर रहे हैं तो उन्हें .75 फीसद का कैशबैक नहीं मिल रहा है। केंद्र सरकार की तरफ से कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पेट्रोल पंप पर उपभोक्ताओं को डिजिटल पेमेंट करने पर डिस्काउंट देना शुरू किया गया था। इसके सकारात्मक नतीजे सामने आए थे और उपभोक्ता नगद भुगतान करने की बजाय डिजिटल भुगतान को तवज्जो देने लगे थे।

केंद्र सरकार की तरफ से बैंकों के साथ टाईअप किया गया था, जिसके तहत ईंधन डलवाने के बाद .75 फीसद का कैशबैक उपभोक्ता के खाते में खुद ही ट्रांसफर हो जाता था। चालू अक्टूबर माह से ही डिजिटल पेमेंट पर डिस्काउंट देना बंद कर दिया गया है और इससे उपभोक्ताओं में निराशा का भाव है। डिस्काउंट बंद करने की सरकार ने कोई ठोस वजह नहीं बताई है। हालांकि कुछ निजी क्षेत्र के बैंकों की तरफ से मात्र अपने उपभोक्ताओं को बैंक के कार्ड पर तेल डलवाने पर डिस्काउंट (कैशबैक) अभी भी दिया जा रहा है, लेकिन मात्र यह बैंक विशेष के उपभोक्ताओं तक ही सीमित है। हालांकि इससे पहले सरकार की तरफ से सभी प्रकार के डिजिटल पेमेंट पर कैशबैक दिए जाने का प्रावधान रखा गया था।

नकारात्मक परिणाम निकलेगा : गुरमीत

पैट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन (पीपीडीए) के प्रवक्ता मोंटी गुरमीत सहगल ने कहा कि कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल पेमेंट पर मिलने वाला डिस्काउंट उल्लेखनीय नतीजे दे रहा था। डिजिटल पेमेंट पर कैश अकाउंट बंद करने के दूरगामी एवं नकारात्मक प्रभाव सामने आएंगे। केंद्र सरकार को चाहिए कि इसे फिर से शुरू किया जाए।

 

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