जालंधर [मनुपाल शर्मा]। खेती-किसानी के लिए जाने जाते पंजाब के इतिहास में पहली बार जालंधर में डीजल की कीमत 70.17 रुपये प्रति लीटर जा पहुंची है। महंगा डीजल किसानों के साथ-साथ आम आदमी के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। वहीं, तेल कारोबारी भी परेशान हैं। पेट्रोल के दाम भी शिखर छूने की ओर अग्रसर हैं। शुक्रवार को पेट्रोल 83.91 रुपये प्रति लीटर की दर से बिका। एक साल में डीजल के दामों में करीब 16 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। पिछले वर्ष 1 जुलाई को डीजल महज 53.80 रुपये प्रति लीटर की दर पर उपलब्ध था।

हैरानीजनक है कि शुक्रवार को चंडीगढ़ में डीजल 68.31 रुपये प्रति लीटर में उपलब्ध था। जालंधर से लगभग पौने 2 रुपए सस्ता। इसी तरह से चंडीगढ़ में पेट्रोल के दाम 75.61 रुपये प्रति लीटर है जो जालंधर से लगभग 8.30 रुपये कम हैं। आम तौर पर अलग-अलग शहरों और अलग-अलग कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर तेल की कीमतों में कुछ अंतर हो सकता है, लेकिन यह महज कुछ पैसों का ही होता है।

पेट्रोल के दाम में अंतर का कारण वैट

पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन, पंजाब के प्रवक्ता मौंटी गुरमीत सहगल ने कहा कि पंजाब में मात्र डॉलर के मुकाबले रुपये का कमजोर होना ही पैट्रोल-डीजल की बढ़ी हुई कीमतों के लिए जिम्मेदार नहीं है। पंजाब सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर वैट की दर ही इतनी लगा रखी है जो चंडीगढ़ के मुकाबले 8 रुपये का अंतर पैदा कर देती है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों से महंगा डीजल साबित करता है कि सरकार किसान, ट्रांसपोर्ट और आमजन हितैषी नहीं है। पेट्रोलियम व्यवसाय तो पहले ही मंदी की मार झेल रहा है।

सरकार तुरंत ध्यान दें

ऑल पंजाब ट्रक ऑपरेटर्स यूनियन के अध्यक्ष हैप्पी संधू ने कहा कि यह तो ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को बंद करने की साजिश कही जा सकती है। अगर पंजाब में डीजल पड़ोसी सूबों से महंगा हो जाएगा तो फिर न खेती बचेगी न बिजनेस। सरकार तुरंत ध्यान दे।

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Posted By: Kamlesh Bhatt