जागरण संवाददाता, जालंधर

जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ सेहत विभाग भी सजग होने लगा है। वीरवार को डेंगू के मामले की गहन जांच पड़ताल करने के लिए डिप्टी डायरेक्टर राजू धीर ने सिविल अस्पताल के डेंगू वार्ड का दौरा किया। इसके बाद उन्होंने सेहत विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर रिकार्ड की गहन जांच पड़ताल की। दैनिक जागरण ने वीरवार के अंक में 'सिविल अस्पताल पर भरोसा नहीं, डेंगू के 105 मरीज, पर वार्ड खाली' शीर्षक से समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जांच के लिए आई टीम से पहले अस्पताल प्रशासन ने डेंगू वार्ड में दो मरीजों को भर्ती कर लिया।

डेंगू के मामले की जांच के लिए सेहत विभाग की ओर से नियुक्त किए गए डिप्टी डायरेक्टर वीरवार को सिविल अस्पताल में पहुंचे। उन्होंने डेंगू वार्ड का दौरा किया। डेंगू वार्ड में साफ सफाई नहीं थी। शौचालयों में गंदगी का आलम था। शौचालयों में खराब टूटियों से पानी टपक रहा था। वहीं अस्पताल में कूड़ा लिफ्टिंग को लेकर अव्यवस्था का आलम सामने आया। वार्ड के दरवाजे खुले थे और मरीज मच्छरदानियों से मुंह बाहर निकाल लेटे हुए थे। इससे मेडिकल वार्ड में दूसरे मरीजों को डेंगू का खतरा हो सकता है। मरीजों से पूछे सवालों का भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने गौतम नगर बस्ती बावा खेल और करतारपुर से इलाज के लिए डेंगू वार्ड दाखिल मरीजों व उनके स्वजनों से इलाज की सुविधाओं के विषय पर चर्चा की। मरीजों ने कहा कि वार्ड में गर्मी और उमस की वजह से सांस फूलने लगती है, जिस कारण उन्हें वार्ड का दरवाजा खोलना पड़ता है। वार्ड में रूटीन में कीटनाशक दवा के छिड़काव को लेकर पूछे सवाल पर मरीजों व स्टाफ ने चुप्पी साध ली। डिप्टी डायरेक्टर डा. राजू धीर ने वार्ड में सफाई व्यवस्था, कीटनाशक का छिड़काव करने व मरीजों की सुविधाओं को बेहतर बनाने की बात कही। उन्होंने डेंगू पनपने के स्रोत ढूंढ़ कर खत्म करने के मामले को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके उपरांत उन्होंने सिविल सर्जन कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक की और यहां भी डेंगू से संबंधित रिकार्ड की गहन जांच पड़ताल की। इस मौके पर सहायक सिविल सर्जन डा. वरिदर कौर थिद, एसएमओ डा. सुरजीत सिंह, जिला एपीडिमोलाजिस्ट डा. आदित्य पाल सिंह, डा. नितेश, डा. शुभम व स्टाफ के सदस्य मौजूद थे।

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