मनुपाल शर्मा, जालंधर। मानसून की शुरुआत में ही पंजाब रोडवेज जालंधर की वर्कशाप में भरा बारिश का पानी एयरपोर्ट वोल्वो समेत साधारण बसों में सफर करने वाले यात्रियों के बड़ा खतरा बनता नजर आ रहा है। वर्कशाप में जमा बारिश का ताजा पानी डेंगू का लारवा पनपने में मददगार साबित हो सकता है।

वर्कशाप में बसों की रिपेयर होती है और टायरों समेत अन्य कंडम समान भी यहीं पर पड़ा हुआ है। पहले भी इस वर्कशाप में डेंगू का लारवा मिल चुका है। वर्कशाप में जब बसों की साफ-सफाई अथवा रिपेयर होती है तो उनके दरवाजे खुले रखे जाते हैं। इस कारण बसों में मच्छर के प्रवेश की आशंका प्रबल रहती है। 

एयरपोर्ट जाने वाली एयर कंडीशंड वोल्वो बसों में यात्रियों के प्रवेश के लिए एक ही दरवाजा होता है। आम तौर पर ड्राइवर भी इसी दरवाजे से अपनी सीट पर पहुंचता है। वर्कशाप में वोल्वो बसों को जब सफाई के लिए खड़ा किया जाता है तो इसी दरवाजे को खोला जाता है। अब डर इस बात का है कि अगर एक बार वोल्वो के भीतर मच्छर घुस गए तो यात्रियों के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी हो जाएगी। 

रविवार तड़के हुई बारिश से पूरे वर्कशॉप परिसर में पानी और कीचड़ इकट्ठा हो गया है और कर्मचारियों को वर्कशॉप तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को भी हालात में कुछ खास सुधार नहीं हो पाया था।

महानगर के शहीद ए आजम भगत सिंह इंटरस्टेट बस टर्मिनल के बिल्कुल ठीक सामने स्थित वर्कशाप परिसर में पानी की निकासी ठीक नहीं है। इस कारण वर्कशाप तक जाने के पूरे रास्ते में पानी जमा है।

मच्छरों की नर्सरी बन रही रोडवेज की वर्कशाप

इस वर्कशप में कुछ पुरानी बसें भी है, जो लंबे अरसे से खड़ी हैं। उनमें भी बारिश का पानी पड़ने से मच्छर पैदा हो रहे हैं। इसके अलावा वर्कशॉप परिसर में पुराने कलपुर्जे एवं टायर पड़े रहते हैं, जिनमें एकत्र पानी मच्छर पैदा करता है। इससे कर्मचारी भी डरे हुए हैं। उनका कहना है कि बारिश के पानी में मच्छर पैदा हो रहे हैं, इससे बुखार समेत अन्य बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है।

अधिकारी बोले- जल्द होगा जलभराव की समस्या का हल

पंजाब रोडवेज के डिप्टी डायरेक्टर एवं पनबस के डायरेक्टर आपरेशंस परनीत सिंह मिन्हास ने कहा कि वर्कशाप में बारिश के पानी की निकासी के लिए उम्दा ड्रेनेज सिस्टम जल्द उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए बकायदा तौर पर मुख्यालय की तरफ से फंड रखा गया है और जल्द ही वर्कशाप में वाटर लागिंग जैसी कोई समस्या नहीं रहेगी।

Edited By: Pankaj Dwivedi