जागरण संवाददाता, जालंधर : बारिश के बाद डेंगू का खतरा बढ़ने से सेहत विभाग और नगर निगम के हाथ पैर फूलने लगे हैं। जिले में डेंगू मच्छरों के पनपने से मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा होने लगा है। सिविल अस्पताल में डेंगू के संदिग्ध मरीजों के टेस्ट करने से 14 नए मरीजों को डेंगू होने की पुष्टि की गई है। जिले में मरीजों की संख्या 46 तक पहुंच गई है। सेहत विभाग और नगर निगम प्रशासन बेशक की डेंगू को लेकर कार्यशैली ढीली है, यही कारण है कि इसके सुखद परिणाम नहीं निकल रहे। डेंगू के ज्यादा मामले शहरी एरिया में पाए जा रहे हैं। साफ-सफाई नहीं होने के कारण बस्तियों में डेंगे ज्यादा पैर पसार रहा है।

सहायक जिला सेहत अफसर डॉ. टीपी सिंह ने बताया कि सिविल अस्पताल की लेबोरेटरी में डेंगू के 43 संदिग्ध मरीजों के खून के सैंपलों की जाच की थी। इन में जिला जालंधर के 14 और होशियारपुर के 8 मरीज शामिल है। डेंगू के मरीजों में कबीर नगर के रहने वाले मरीजों की संख्या अधिक है। डॉ. सिंह ने बताया कि जिन इलाकों में डेंगू के मरीजों की पुष्टि हुई है वहा टीमें भेजी जाएगी और कीटनाशक दवा का छिड़काव करवाया जाएगा। उन्होंने लोगों को बारिश के बाद साफ पानी की निकासी को सुनिश्चित बनाने की सलाह दी। वहीं सप्ताह में कम से कम एक दिन कूलरों की सफाई करने व बिना पानी के चलाने की सलाह दी। हाई रिस्क इलाके

कबीर नगर, बस्ती बावा खेल, राज नगर, शीतल नगर, मकसूदां, मॉडल टाउन, अर्बन एस्टेट फेज 1 व 2, गढ़ा, गुलाब देवी रोड, किशपुरा, अमरीक नगर, संतोख पुरा, लम्मा पिंड, रामा मंडी, बडिंग, दीप नगर, जालंधर छावनी, बस्ती दानिशमंदा, रसीला नगर, ग्रोवर कॉलोनी व अन्य।

डेंगू के मरीज

साल मरीज मौतें

2012 30 09

2013 112 25

2014 42 08

2015 1047 28

2016 580 15

2017 455 00

2018 46 00

Posted By: Jagran