बठिंडा,  [गुरप्रेम लहरी]। Delhi Red Fort Violance: दिल्‍ली में लाल किला पर 26 जनवरी को उपद्रव के मामले में दिल्ली पुलिस के लिए वांछित लक्खा सिधाना मंगलवार को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पैतृक गांव मेहराज में हुई रैली में था। उसकी गिरफ्तारी पर दिल्‍ली पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। वह बाइक से रैली स्थल पर पहुंचा और करीब दो घंटे तक वहां रहा। उसने रैली को भी संबोधित किया, लेकिन इस दौरान न तो दिल्‍ली पुलिस की टीम पहुंची और न ही पंजाब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। वह दोपहर एक बजकर 40 मिनट से तीन बजकर 35 मिनट तक करीब दो घंटे तक मौजूद रहा, पुलिस बस देखती रही।

अमरिंदर सिंह के पैतृक गांव में हुई रैली, दिल्ली पुलिस नहीं पहुंची, पंजाब पुलिस ने नहीं किया गिरफ्तार

बता दें 26 जनवरी को हुए उपद्रव के बाद दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज किया था और एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। मंगलवार को लक्खा न केवल रैली में मौजूद रहा बल्कि रैली को संबोधित करते हुए उसने दिल्ली पुलिस को गिरफ्तार करने की चुनौती भी दी। दिल्ली पुलिस की कोई  टीम उसे गिरफ्तार करने नहीं पहुंची। मौके पर मौजूद पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने भी लक्खा को गिरफ्तार नहीं किया। इस दौरान लक्खा ने तीनों कृषि सुधार कानूनों को रद करने की मांग की और युवाओं से 26 फरवरी को दिल्ली आंदोलन के कार्यक्रम में बढ़चढ़ कर शामिल होने की अपील की।

गांव मेहराज में हुई रैली में पहुंचा लक्‍खा सिधाना। (जागरण)

लक्‍खा बोला, पंजाब आने पर दिल्ली पुलिस टीम का घेराव करें लोग

रैली में लक्खा सिधाना ने कहा कि वह संयुक्त किसान मोर्चा से अलग होकर कोई एजेंडा लेकर नहीं चला। किसान संगठनों के कार्यक्रम के अनुसार ही युवा दिल्ली पहुंचे थे, इसलिए यह रैली की गई है। उसने कहा कि अगर दिल्ली पुलिस की टीम किसान, मजदूर या किसी युवा को गिरफ्तार करने किसी गांव में आती है तो गांव के गुरुद्वारा साहिब से अनाउंसमेंट करवाकर उसका घेराव किया जाए।

कहा- दिल्ली पुलिस का सहयोग करने पर कैप्टन की होगी जिम्मेदारी

लक्खा ने मुख्यमंत्री की तरफ इशारा करते हुए कहा कि अगर पंजाब पुलिस यहां दिल्ली पुलिस का सहयोग करती है तो इसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर कैप्टन अमरिंदर सिंह की होगी। कैप्टन को ही इस पर जवाब देना होगा।

गांव मेहराज में आयोजित रैली में पहुंचा लक्‍खा सिधाना। (जागरण)

मंच पर रहा गर्मख्यालियों का दबदबा

रैली के दौरान मंच पर गर्मख्यालियों का कब्जा रहा। इनमें जगतार हवारा के पिता, दल खालसा के कंवरपाल सिंह, बाबा हरदीप ¨सह मेहराज, पूर्व गैंगस्टर कुलबीर नरुआणा के अलावा मनधीर सिंह, तलविंदर सिंह तलवाड़ा, हरदीप सिंह डिबडिवा, सिख प्रचारक हरजिंदर सिंह मांझी, बलजिंदर परवाना, गायक भाना सिद्धू, युद्धवीर माणक, याद ग्रेवाल, लोक संग्राम मंच की सुखविंदर कौर, जग्गी बाबा, सुखविंदर पीपी, कृष्ण लाल, पत्रकार मनदीप पूनिया, नवदीप हरियाणा, लोक अधिकार लहर से रुपिंदर सिद्धू ने भी रैली को संबोधित किया।

उगराहां ने भी दी थी दिल्ली पुलिस को चुनौती

चंडीगढ़ में 20 फरवरी को हुई किसान महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन उगराहां के प्रधान जोगिंदर सिंह उगराहां ने दिल्ली पुलिस को चुनौती दी थी। उन्‍होंने कहा था कि वह किसान नेता रूल्दू सिंह मानसा को गिरफ्तार करके दिखाए। यह बैठा है स्टेज पर। हम बिलों में छिपकर नहीं बैठते, खुलकर लोगों में रहते हैं। याद रहे कि दिल्ली पुलिस ने जिन किसान नेताओं पर केस दर्ज किए हैं, उनमें किसान नेता रूल्दू सिंह मानसा शामिल हैं

kumbh-mela-2021

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप