जासं, जालंधर। महानगर में साइबर ठगों की एक और करतूत सामने आई है। उन्होंने पत्तीयाल गांव के रहने वाले एक युवक को सेकंड हैंड कार बेचने के नाम पर फर्जी सैनिक बन करीब 19000 रुपए ठग लिया। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र और राजस्थान के 7 आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस इन सभी की धरपकड़ में जुटी हुई है।

पुलिस को दी शिकायत में बिक्रमजीत सिंह ने बताया कि उन्हें सेकंड हैंड गाड़ी लेनी थी। इसके चलते उनके घर के बच्चे ओएलएक्स पर पुरानी गाड़ी खोज रहे थे। इस दौरान उन्हें एक पुरानी स्विफ्ट कार का विज्ञापन दिखाई दिया। गाड़ी पसंद आने के बाद उन्होंने दिए गए नंबर पर मैसेज किया। मैसेज का जवाब देने वाले ने खुद को सेना का हवलदार मनजीत सिंह बताते हुए बात की और बताया कि उसकी ड्यूटी जयपुर एयरपोर्ट पर है। खुद को सेना में हवलदार बताने वाले आरोपित ने बताया कि उसकी पोस्टिंग राजस्थान से यूपी हो रही है जिसके चलते वह कार बेच रहा है। इस दौरान उन्होंने गाड़ी के पुराने मालिक से भी बात कराई। गाड़ी के मालिक होशियारपुर के रहने वाले जगजीत सिंह ने पीड़ित से कहा कि वह गाड़ी ले सकता है। इसके बाद उसके और हवलदार मनजीत सिंह के बीच गाड़ी का सौदा 1 लाख रुपये में तय हो गया।

सौदा तय होने के बाद मनजीत ने पीड़ित को झांसे में लेने के लिए उसे अपना आधार कार्ड कार की आरसी आर्मी कैंटीन का कार्ड भी भेजें। जब उसने कार लेने के लिए जयपुर आने की बात की तो उसने कहा कि मैं आर्मी की ट्रांसपोर्ट सर्विस से भेज दूंगा। इसके लिए 6100 रुपये देने होंगे। इस पर उन्होंने पेटीएम के जरिए मनजीत को रुपये भेज दिए। इस तरह, मनजीत ने उनसे कुल मिलकर 12600 रुपए ठग लिए। गाड़ी मिल ना मिलने पर उसने मामले की शिकायत साइबर सेल से की।

साइबर सेल ने आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपितों ने बीते दिनों पठानकोट में भी ऐसी ही एक ठगी की वारदात को अंजाम दिया था। मामले में यूपी के अलीगढ़ के हेमंत सिंह और सतपाल, एमपी के कटनी के निरंजन पटेल, पटियाला के राहुल, महाराष्ट्र निवासी गोविंद और देवी गोविंद के साथ-साथ राजस्थान के भरतपुर जिले का मौसम भी शामिल था। 

Edited By: Pankaj Dwivedi