संवाद सहयोगी, जालंधर : जमीन विवाद में बहन को गोली मारने के आरोपित को कोर्ट ने बरी कर दिया लेकिन आ‌र्म्स एक्ट के तहत एक साल की सजा सुनाई गई है। यह फैसला जज हरवीन भारद्वाज की अदालत में सुनाया गया। गोराया में रहने वाले गुरपाल सिंह ने 12 जुलाई 2020 को शिकायत दी थी कि उनके बेटे रेशम लाल ने जमीन विवाद के चलते अपनी बहन प्रदीप कौर की गोली मार कर हत्या कर दी है। शिकायत में बताया था कि उसने अपनी मेहनत से गांव में एक कोठी बनाई थी। कुछ समय से कमलजीत कौर, गुरदीप सिंह और रेशम लाल उससे कोठी का हिस्सा मांगने लगे। जब उसने मना कर दिया तो विवाद करने लगे। वारदात वाले दिन रेशम लाल उसके घर पर आया और फिर से कोठी का हिस्सा मांगने लगा। जब उसने मना कर दिया तो वो प्रदीप कौर से विवाद करने लगा। इसी बीच रात को रेशम लाल ने पिस्तौल से सो रही प्रदीप कौर के कान के पास गोली मार दी जिससे उसकी मौत हो गई। बाद में पिस्तौल लेकर वह फरार हो गया। पुलिस ने बयानों के आधार पर हत्या और अवैध हथियार रखने का मामला दर्ज कर लिया। अदालत में सिर्फ अवैध हथियार रखने के आरोप साबित हो गए जिसके बाद हत्या के आरोप से बरी कर दिया गया। प्रदीप कौर ही घर के गुजारे का इकलौता सहारा

गुरपाल सिंह ने बताया कि लाकडाउन की वजह से उसका काम पूरी तरह से बंद हो चुका था। उसकी बेटी प्रदीप कौर जिसका तलाक हो चुका था, चंडीगढ़ में रहती थी। वहां उसकी नौकरी लगी थी और वो ही उनका घर भी चला रही थी। प्रदीप कौर जब भी घर पर आती तो उसके दोनों बेटे गुरदीप सिंह और रेशम लाल उससे विवाद करते थे जिससे वो घर पर कम आती थी।

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