जालंधर [कमल किशोर]। 80 वर्ष से अधिक उ️म्र के मतदाता पहली बार घर बैठे मतदान कर सकेंगे। वहीं, कोरोना संक्रमित मरीज भी घर बैठकर ही अपने मताधिकार का प्रयोग मनपसंद उ️म्मीदवार के लिए कर सकेंगे। मतदान बूथ पर अगर संक्रमित व्यक्ति मतदान करने पहुंच जाता है तो अन्य मतदाता कोरोना की चपेट में आ सकते हैं। इससे बचाव और क्वारंटाइन हुए मरीज मतदान से वंचित न रह जाएं, इसलिए चुनाव आयोग ने यह फैसला लिया है। कोरोना संक्रमितों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। इस कारण जिला प्रशासन के साथ-साथ सेहत विभाग भी गंभीर है। संक्रमित मरीज जिस जगह क्वारंटाइन हैैं, वहां चुनाव ड्यूटी पर लगे कर्मचारी पोस्टल बैलेट पेपर साथ लेकर जाएंगे।

संक्रमित मरीजों को भरना होगा फार्म-12 डी

पोस्टल बैलेट से वोट डालने वाले कोरोना संक्रमित मरीजों को फार्म 12डी भरना होगा। यदि किसी मतदाता ने फार्म नहीं भरा है तो माना जाएगा कि वह पोलिंग बूथ पर वोट डालने का इच्छुक है। जिला चुनाव अधिकारी के मुताबिक बुजुर्ग व कोरोना संक्रमित मरीजों को फार्म वितरित करवाए जा रहे हैं।

फार्म भरने वाले मतदाताओं के घर चुनाव आयोग की टीम पहुंचेंगी

फार्म भरने वाले मरीजों के घर चुनाव आयोग की टीम पीपीई किट पहनकर पहुंचेगी। टीम घर पर पोस्टल बैलेट की मदद से वोट डलवाएगी। पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकार्डिंग भी होगी। अधिसूचना जारी होने के पांच दिन बाद संबंधित मतदाता को बताना जरूरी होगा कि बैलेट पेपर से मतदान करेंगे। संक्रमित मतदाता के मतदान करने के बाद बैलेट पेपर को लिफाफे में बंद कर रिटर्निंग आफिसर के समक्ष जमा करवाना होगा। जिला चुनाव अधिकारी घनश्याम थोरी ने कहा कि कोरोना संक्रमित मरीजों को फार्म वितरित किए जा रहे हैं। फार्म वितरित करने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा चुकी है। कर्मचारी संक्रमित के पास पीपीई किट पहनकर जाएगा। इस दौरान पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकार्डिंग होगी।

Edited By: Vinay Kumar