जालंधर, जेएनएन। ईजी डे को कैरी बैग के बदले 7.20 रुपये वसूलना दस हजार में पड़ा। जिला कंज्यूमर फोरम ने कैरीबैग मुफ्त देना विक्रेता की मौलिक ड्यूटी करार देते हुए यह फैसला दिया। शिकायत करने वाली महिला को पैसे देने के लिए ईजी डे को महीने का वक्त दिया गया है।

ज्योति अरोड़ा निवासी 239, छोटी बारादरी पार्ट वन ने 12 जुलाई 2019 को कंज्यूमर फोरम को शिकायत दी थी। उसमें ईजी डे क्लब अनमोल पैलेस, गुरजीत नगर गढ़ा रोड, ईजी डे क्लब के मैनेजर और मैनेजिंग डायरेक्टर को पार्टी बनाया था। शिकायत में ज्योति अरोड़ा ने बताया कि नौ जून 2019 को उनसे ईजी डे में दो कैरी बैग के सात रुपये बीस पैसे वसूले गए। उन्होंने ईजी डे के अधिकारियों को कहा कि वो कैरी बैग के चार्जेस न लें लेकिन कैश काउंटर पर बैठे व्यक्ति ने उनसे दुर्व्यवहार किया। यही नहीं, उन्हें खुलेआम कोई कार्रवाई करवाने पर देख लेने की धमकी दी। फोरम ने नोटिस निकाला लेकिन ईजी डे की तरफ से कोई पेश नहीं हुआ।
 

फोरम ने उन्हें एक्सपार्टी करार देते हुए फैसले में कहा कि कैरी बैग के पैसे वसूलने का कोई प्रावधान नहीं है। उलटा यह विक्रेता की मौलिक ड्यूटी है कि वह खरीदार को सामान ले जाने के लिए मुफ्त में कैरीबैग उपलब्ध कराए। फोरम ने इसके लिए बाटा इंडिया लिमिटेड वर्सेज दिनेश प्रसाद रतूड़ी और लाइफस्टाइल इंटरनेशनल प्रा. लि. वर्सेज पंकज चांदगोठिया के मामले में स्टेट कंज्यूमर फोरम के फैसलों का भी हवाला दिया। फोरम के प्रेजिडेंट करनैल सिंह व मेंबर ज्योत्सना ने ईजी डे व उसके मैनेजर को मानसिक परेशानी, प्रताडऩा व केस खर्च के तौर पर दस हजार रुपये देने को कहा।

आप भी करें शिकायत
अगर आपसे भी किसी शॉपिंग मॉल या दुकान पर कैरीबैग के पैसे लिए जाते हैं तो आप भी साधारण शिकायत लिखकर जिला प्रशासकीय कांप्लेक्स स्थित जिला कंज्यूमर फोरम को दे सकते हैं। फोरम ने स्टेट कंज्यूमर फोरम चंडीगढ़ के फैसलों का हवाला देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि कैरीबैग की कीमत वसूलना गलत ट्रेड प्रैक्टिस है।

 

 

 

 

 

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Posted By: Pankaj Dwivedi

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