जागरण संवाददाता, जालंधर : डिप्टी कमिश्नर व¨रदर कुमार शर्मा को ज्ञापन देने पहुंचे प्रॉपर्टी कारोबारी व कांग्रेस नेताओं ने सत्ता की हनक में न सिर्फ नियमों को ताक पर रखकर डीसी ऑफिस की सुरक्षा व्यवस्था को तार-तार कर दिया, बल्कि सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों से भी भिड़ गए। कांग्रेसियों की इस दबंगई से डीसी भी नाराज होकर ऑफिस से उठकर चले गए। कुछ देर बाद डीसी ऑफिस आए और उन्होंने दबंगई करने वालों को आइना दिखाते हुए कहा कि वही अपनी सरकार के नियमों का पालन नहीं करेंगे तो आम लोगों से क्या उम्मीद की जा सकती है। बाद में कांग्रेस नेताओं व प्रॉपर्टी कारोबारियों को गलती का अहसास हुआ। उन्होंने इसके लिए डीसी से क्षमा मांगी।

गौरतलब है कि जिला शहरी कांग्रेस प्रधान दलजीत ¨सह आहलुवालिया व कांग्रेस नेता एवं प्रॉपर्टी कारोबारी एसोसिएशन के प्रधान मेजर ¨सह के नेतृत्व में दर्जनों कांग्रेसी व प्रॉपर्टी कारोबारी सुबह 11 बजे डीसी से मिलने पहुंचे। मुख्य गेट पर मौजूद सुरक्षा बल के जवानों ने पांच लोगों को अंदर आने को कहा। इस पर कांग्रेस नेताओं की भौंहें तन गई। वे सुरक्षाकर्मियों को सत्ता का रौब दिखाने लगे, उन्होंने कहा कि सूबे में उनकी सत्ता है, उन्हें कैसे रोका जा सकता है।

सुरक्षाकर्मियों के साथ धक्कामुक्की करते हुए अंदर चले गए। डीसी के ऑफिस के बाहर रिटाय¨रग रूम से पहले फिर सुरक्षाकर्मियों ने रोकने की कोशिश की, लेकिन यहां भी कांग्रेसी धक्का देते हुए अंदर प्रवेश करने लगे। डीसी को जब इस बात की जानकारी हुई तो नाराज होकर वे ऑफिस से उठकर चले गए। सुरक्षा बलों को धक्का देकर कांग्रेसी डीसी ऑफिस में पहुंच गए, लेकिन वहां डीसी नहीं थे। पता करने पर बताया गया कि डीसी अब उनसे कोर्ट में मिलेंगे। डीसी का ये आदेश सुन जिला कांग्रेस प्रधान ने संदेश भिजवाया कि सीमित लोग ही उनसे मिलेंगे, बाकी बाहर ही रहेंगे, उसके बाद डीसी अपने ऑफिस में आए। प्रॉपर्टी कारोबारियों से मांग पत्र लेने के बाद डीसी ने नियमों का हवाला देते हुए साफ कह दिया कि रजिस्ट्रियों में छूट सरकार से ही मिल सकती है।

Posted By: Jagran