जालंधर, जेएनएन। गेहूं की फसल पर चेपे के हमले प्रति किसान भाइयों को सुचेत होने की जरूरत है। मुख्य कृषि अधिकारी जालंधर डा. सुरिंदर सिंह ने गांव सिंघा, ब्लाक जालंधर पूर्वी में मलूक सिंह के खेतों में लगाए गए खेत दिवस दौरान किसानों को कहा कि यह कीड़ा फसलों का रस चूसता है और अक्सर किसान इस काले तेले के नाम से जानते हैं।

उन्होंने बताया कि पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी, लुधियाना द्वारा यह सिफारिश की गई है कि इस कीड़े का हमला यदि प्रति सिट्टा पांच कीड़े से अधिक हो तो पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी द्वारा सिफारिश कीटनाशकों जैसे 20 ग्राम एक्टारा को 80-100 लीटर पानी में घोल कर स्प्रे करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान भाइयों को जहां गेहूं में कीटनाशकों का इस्तेमाल संकोच से करना चाहिए, वहीं कीटनाशकों की खरीद हमेशा विश्वसनीय डीलर व सही बिल लेकर ही करनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि खेतीबाड़ी विभाग द्वारा क्वालिटी कंट्रोल के तहत किसानों को जागरूक करने के साथ-साथ जिले के समूह खाद, बीज व दवा डीलरों की मीटिंगें करते हुए उन्हें कानून अनुसार व किसान हित में प्रयास करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। डा. सिंह ने बताया कि ऐसे डीलरों से मीटिंगें ब्लाक नकोदर व लोहियां खास में की जा चुकी हैं।

किसान मलूक सिंह ने बताया कि धान की पराली को लगी आग के कारण उठने वाले धुएं के कारण सेहत की समस्या व सड़क हादसों के कारण समूचे गांव ने धान की पराली को आग न लगाने का संकल्प लिया था। इस दौरान अग्रणीय किसान गुरचरण सिंह व जरनैल सिंह ने भी सभी का आभार जताया।

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Edited By: Vinay kumar