जालंधर, [मनीष शर्मा]। कुछ वर्ष पहले चर्चा में आए 251 रुपये में फ्रीडम मोबाइल देने का झांसा देकर प्री-बुकिंग की आड़ में लाखों रुपये बटोरकर घपला करने वाली रिंगिंग बेल कंपनी के मोहित गोयल ने यहां भी पिता-पुत्र की फर्म से लाखों की ठगी कर ली। गुरुग्राम के पते से दो फर्म बनाकर आपसी सांठगांठ से उन्होंने सरसों के तेल की बिक्री के नाम पर 59.28 लाख रुपये ठग लिए। इसकी शिकायत पुलिस को दी तो जांच के बाद मोहित समेत गुरुग्राम की दोनों फर्मों से जुड़े 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपितों पर राजस्थान, यूपी समेत दूसरे राज्यों में भी केस दर्ज हैं।

एडीसीपी इन्वेस्टिगेशन हरप्रीत बैनीवाल ने जांच रिपोर्ट में बताया कि मंडी फैटनगंज की मैसर्स सोमनाथ-इंदरपाल के इंदरपाल और प्रताप बाग की सत्यम एग्रो फूड्स की फर्म सरसों का तेल व दूसरी उत्पादों का कारोबार करते हैं। सितंबर 2019 में उन्होंने इंडिया मार्ट डॉट कॉम वेबसाइट के जरिए गुरुग्राम की मैसर्स फैमिली ऑफ ड्राइ फ्रूट्स इंडिया प्रा. लि. और मैसर्स श्री श्याम ट्रेङ्क्षडग कंपनी से उनका संपर्क हुआ। सरसों के तेल कारोबार की सहमति के बाद उन्होंने भरोसा दिलाया कि परचेज ऑर्डर जारी करने पर 50 फीसद कीमत का भुगतान मौके पर होगा और बाकी 15 दिन में चेक से करेंगे। इंदरपाल ने फैमिली ऑफ ड्राई फ्रूट इंडिया को अक्टूबर 2019 से दिसंबर 2019 तक 30 लाख 15 हजार 452 रुपये का तेल भेज दिया। जिसके लिए उन्हें 10 लाख 86 हजार 639 रुपये का भुगतान हुआ और 19 लाख 28 हजार 813 रुपये बकाया रह गए। अक्टूबर से दिसंबर 19 तक सत्यम एग्रो ने श्री श्याम ट्रेङ्क्षडग कंपनी को एक करोड़ 10 लाख 11 हजार 33 रुपये का तेल सप्लाई किया। इसके लिए उन्हें 70 लाख 11 हजार 489 का भुगतान हो गया लेकिन 39 लाख 99 हजार 544 रुपये बकाया रहे। बाकी की पेमेंट के लिए चेक दिए। जब उन्होंने करीब नौ लाख का एक चेक बैंक में लगाया तो वो बाउंस हो गया। बाकी चेकों की पेमेंट गुरुग्राम वालों ने रुकवा दी। उन्होंने फर्म से बात की तो उनकी तरफ से परङ्क्षमदर जैन ने गारंटी के तौर पर 15 लाख का चेक दिया, वो भी बाउंस हो गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि इन लोगों ने पेमेंट रुकवाकर 59 लाख 28 हजार 357 रुपये की ठगी की है।

बैंक स्टेटमेंट से कुली झूठ की पोल

एडीसीपी बैनीपाल ने जब बैंक खातों की जानकारी मंगवाई तो पता चला कि इन फर्मों से जुड़े मोहित गोयल और धारणा गर्ग ने ई-मेल से भेजे बयान में श्री श्याम ट्रेङ्क्षडग कंपनी से कोई ताल्लुक न होने की बात कही लेकिन बैंक अकाउंट स्टेंटमेंट से पता चला कि दोनों फर्मों के बीच ट्रांजेक्शन हुई हैं। धारणा ने फैमिली ट्रेङ्क्षडग फर्म से इस्तीफा देने की बात कही लेेकिन कागजात में अब भी वह डायरेक्टर है। पुलिस ने फर्मों के रिकॉर्ड खंगाले तो उनमें प्रदीप ङ्क्षसह ने खुद को श्री श्याम ट्रेङ्क्षडग कंपनी का मालिक बताते हुए बैंक में खाता खुलवाया है। परङ्क्षमदर कुमार ने भी खुद को इसी कंपनी का मालिक बता खाता खुलवाया है। यह खाते अभी भी चल रहे हैं। इससे जाहिर है कि धोखाधड़ी की नीयत से इन्होंने एक ही फर्म के दो मालिक खड़े करके जाली दस्तावेज पर अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाए हैं। इसकी पुष्टि के लिए पुलिस ने जीएसटी बिलों के रिकॉर्ड की भी जांच की। प्रदीप निरवाण ने कहा कि उसने चार अप्रैल 2019 को जीएसटी नंबर लिया और 30 नवंबर 2019 को वह कैंसल हो गया लेकिन परमिंदर कुमार ने 28 नवंबर 19 को जीएसटी नंबर मिलने की बात कही, जबकि यह संभव नहीं है। वहीं, प्रदीप ने जीएसटी नंबर कैंसिल होने के बावजूद जालंधर की फर्मों से दिसंबर 19 में दो बार माल मंगवाया। जिसकी पुष्टि ई-वे बिल से हुई।

पैसों के लेन-देन से कंपनियों की मिलीभगत निकली

एडीसीपी ने कहा कि पड़ताल के दौरान श्री श्याम ट्रेडिंग कंपनी और फैमिली ऑफ ड्राई फ्रूट ट्रेडिंग कंपनी की मिलीभगत भी मिली है क्योंकि इनके बीच आपस में पैसों का लेन-देन हुआ है। इनके खिलाफ पहले भी केस दर्ज हैं। उन्होंने फैमिली ऑफ ड्राई फ्रूट्स के डायरेक्टरों हरियाणा के गुरुग्राम गल्फ एस्टेट में रहने वाले मोहित गोयल, उसकी पत्नी धारना गर्ग उर्फ धारना गोयल, मनोज कत्यान, डीएलएफ सिटी फेज 3, गुरुग्राम की अंजली कत्यान, दिल्ली के जहांगीरपुरा की एलआइजी फ्लैट निवासी संजय कत्यान और श्री श्याम ट्रेडिंग कंपनी के राजस्थान के जयपुर के श्रीराम नगर निवासी प्रदीप सिंह निरवाण, मानसरोवर जयपुर राजस्थान के परमिंदर सविता उर्फ परमिंदर जैन के साथ फैमिली ड्राई फ्रूट्स के जीएम व श्याम ट्रेडिंग के प्रेजिडेंट राजीव कुमार, दोनों फर्मों के परचेजर हेड आकाशदीप, वाइस प्रेजिडेंट नीरज टक्कर, असिस्टेंट वाइस प्रेजिडेंट रुपेश कुमार और फर्म के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करने की सिफारिश कर दी।

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