शाम सहगल, जालंधर। आस्था का महापर्व छठ पूजा व व्रत रविवार को नहाय खाय की रस्म के साथ शुरू हो गया। इसके तहत सोमवार को खरना व 13 नवंबर को अस्त होते सूर्य को अ‌र्घ्य तथा 14 नवंबर को उदय होते सूर्य को अ‌र्घ्य देने के साथ पर्व संपन्न होगा। दुओं की आस्था का केंद्र छठ पूजा पर इस बार बाजार में मा लक्ष्मी की कृपा होगी। जिले में 63 हजार के करीब घरों में छठ पूजा व व्रत किया जाता है। औसतन प्रति घर पूजा पर चार हजार रुपये का खर्च आता है। इस हिसाब से छठ के बाजार में 25 करोड़ रुपये का कारोबार होगा।

सजे बाजार

बाजारों में इन दिनों तिल रखने की जगह नहीं बची है। लिहाजा, दुकानों पर छठ पूजा को लेकर अलग से खरीदारी की जा रही है। यह है छठ पूजा का सामान छठ पूजा को लेकर विशाल टोकरे में कई तरह का सामान शामिल किया जाता है। इसमें हरी सौंफ, आंवला, सुपारी, आर्ता, मुखाने, मूंगफली, ¨सगाड़े, शकरकंदी, सीताफल, गिरी गोला, ¨सदूर, सूखा नारियल, नींबू, चकोतरा, अरबी, हल्दी, अदरक के पत्ते, लकड़ी की धूप, रीठा चावल, अनानास, खीरा, सेब, गन्ना, धागे, मेकअप का सामान आदि शामिल है। इस टोकरे पर करीब एक से डेढ़ हजार रुपये का खर्च आता है।

विदेशों में भी है मान्यता

श्री छठ पूजा प्रबंधक कमेटी के निर्देशक मोती लाल यादव बताते हैं कि छठ व्रत का हिंदू धर्म में खास महत्व है। इसे विश्व भर में बसे हिंदू पूर्ण श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाते हैं। कमेटी से जुड़े कई सदस्य अमेरिका, इंग्लैंड, दुबई, सिंगापुर सहित कई देशों में बस गए हैं, जो वहां पर छठ पूजा विधिवत पूरी करते हैं।

यहां सजे हैं छठ के बाजार

शहर में मकसूदां सब्जी मंडी के बाहर, बस्ती बावा खेल रोड, 120 फुटी रोड, बस्ती मिट्ठू रोड, श्री देवी तलाब मंदिर मार्ग, फोकल प्वाइंट, पटेल चौक, इंडस्ट्रियल एरिया सहित कई इलाकों में छठ का बाजार सजा हुआ है।

बिहार से लाकर बेच रहे सामान

मकसूदां सब्जी मंडी के बाहर छठ का बाजार सजाने वाले अखिलेश कुमार तथा अरविंद बताते हैं कि छठ पूजा के लिए कई उत्पाद बिहार से यहां लाकर बेच रहे हैं। इसमें किशव (मटर की तरह बीज), लकड़ी की धूप, लकड़ी का साचा, बद्दी सहित कई उत्पाद हैं, जो केवल बिहार में ही मिलते हैं। इसके अलावा चकोधरा की भी इन दिनों खासी माग है।

नहाय-खाय के साथ आज होगा आगाज

श्री छठ पूजा प्रबंधक कमेटी के संचालक पंडित एके मिश्रा बताते हैं कि नहाय खाय के साथ 11 नवंबर को छठ व्रत का आगाज होगा। जिसके तहत व्रती अरवा चावल, अरहर की दाल तथा कद्दू की सब्जी तैयार करते हैं। जिसमे सेंधा नमक इस्तेमाल किया जाता है। व्रती द्वारा भोजन ग्रहण करने के बाद ही परिवार के बाकी सदस्य इसे खाते हैं। वहीं, 12 नवंबर को खरना की रस्म होगी। जिसमें व्रती दिनभर उपवास रखने के बाद रात को खीर बनाते है। वहीं, बिना तवे के रोटी तैयार करके इसे ग्रहण करते हैं। इसी तरह 13 नवंबर को तलाब, सरोवर या घाट में खड़े रहकर अस्त होते सूर्य को अ‌र्घ्य दिया जाएगा। 14 नवंबर को उदय होते सूर्य के साथ ही व्रत संपन्न होगा।

सभी घाटों पर होगी व्यवस्था

श्री छठ पूजा प्रबंधक कमेटी के चेयरमैन प्रमोद यादव बताते हैं कि छठ पूजा को लेकर सभी घाटों पर समुचित व्यवस्था की गई है। पुलिस कमिश्नर जीएस भुल्लर ने सभी घाटों पर सुरक्षा तथा ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाने का विश्वास दिलाया है। इसी तरह जिला प्रशासन से भी सभी घाटों पर तमाम व्यवस्था करने की मांग रखी गई है।

साड़ी की दुकानों पर भी रौनक

छठ व्रत को लेकर साड़ी की दुकानों पर भी खासी रौनक रही। दरअसल, छठ पूजा करने वाली महिलाएं नई साड़ी पहनकर ही पूजा करती हैं। जिसके चलते साड़ी की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ रही। साथ ही चूड़ी, बिंदी सहित साज-सज्जा की दुकानों पर भी लोगों की भारी भीड़ थी।