विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 12, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Punjab Politics: पूर्व सीएम चन्नी के भांजे भूपिंदर हनी के खिलाफ आरोप तय, एक नवंबर से शुरू होगी गवाही

By Kamal KishoreEdited By: Vinay kumar
Published: Wed, 12 Oct 2022 08:58 PM (IST)

अवैध खनन व मनी लांड्रिंग के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भांजे भूपिंदर हनी और उसके कारोबारी ...और पढ़ें

Punjab Crime: पूर्व सीएम चन्नी के भांजे भूपिंदर हनी के खिलाफ अदालत में आरोपत तय हो गया है।
Punjab Crime: पूर्व सीएम चन्नी के भांजे भूपिंदर हनी के खिलाफ अदालत में आरोपत तय हो गया है।

जागरण संवाददाता, जालंधर। अवैध खनन और मनी लांड्रिंग के मामले में ईडी की जांच में फंसे पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भांजे भूपिंदर सिंह हनी और उसके कारोबारी साथी कुदरत दीप सिंह के खिलाफ अदालत में आरोप तय हो गया है। इस मामले को लेकर गवाहियां एक नवंबर को जालंधर के सेशन कोर्ट में होंगी। इससे भूपिंदर हनी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

एक नवंबर को भूपिंदर सिंह को कोर्ट में पेश होना होगा। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हनी को तीन फरवरी को गिरफ्तार किया था। हनी के ठिकाने से लगभग 7.9 करोड़, जबकि उससे जुड़े संदीप कुमार के परिसर से लगभग दो करोड़ रुपये जब्त किए गए थे। भूपिंदर हनी के वकील दर्शन सिंह दयाल ने यह जानकारी दी।

ईडी ने साल की शुरुआत में 12 जनवरी को भूपिंदर सिंह हनी के मोहाली स्थित घर पर छापामारी की थी। इस दौरान वहां से लगभग 8 करोड़ रुपये बरामद हुए थे। बाद में हनी के एक दोस्त के घर से भी दो करोड़ मिले थे। इतनी बड़ी राशि कहां से उसके पास आई, इसके बारे में हनी कोई उत्तर नहीं दे सका था।

इसके बाद 3 फरवरी को ईडी ने हनी को गिरफ्तार कर लिया था। प्रारंभिक पूछताछ में उसने माना था कि खनन अधिकारियों के स्थानांतरण के लिए उसने रुपये वसूले। हालांकि उसने मामले में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के शामिल होने से इनकार कर दिया था। ईडी इस मामले में चन्नी से भी पूछताछ कर चुकी है।

भूपिंदर सिंह उर्फ हनी की गिरफ्तारी पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए मतदान से कुछ दिन पहले ही हुई थी। उस समय विरोधियों ने तत्कालीन सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को यह कहकर निशाने पर लिया था कि हनी से बरामद हुए रुपये उनके हैं। चन्नी ने इन आरोपों को निराधार बताया था।

यह भी पढ़ें-  डा. गुरप्रीत वांडर का वीसी पद से नाम वापस लेना सरकार के लिए बड़ा झटका, राज्‍यपाल ने नाम वापस भेज‍ा था वापस