संवाद सहयोगी, (तपा) बरनाला। पंजाब पुलिस में मुलाजिम एससी वर्ग से संबंधित आकाशदीप सिंह की कुछ व्यक्तियों द्वारा बेरहमी से मारपीट करने व जातिसूचक शब्द बोलने का मामले में एससी कमीशन की सदस्य पूनम कांगड़ा ने तपा सिविल अस्पताल पहुंचकर पीड़ित का हाल जाना। इस दौरान पीड़ित आकाशदीप सिंह ने पूनम कांगड़ा को बताया कि वह गांव पक्खों अपने घर से जब ड्यूटी पर जा रहा था तो उनके ही गांव के कुछ जनरल वर्ग से संबंधित व्यक्तियों द्वारा उसे रूड़ेके व धौला के मध्य रोककर उसकी बेरहमी से मारपीट की व उसकी मोबाइल से वीडियो बनाते हुए किसी को बताने पर जान से मारने की धमकियां दी।

उन्होंने कहा कि इसी डर के चलते उस दिन वह अस्पताल दाखिल नहीं हुआ। जब उसे लगी चोटों की तकलीफ बढ़ गई तो वह सिविल अस्पताल तपा में दाखिल हो गया व ड्यूटी पर हाजिर डाक्टर द्वारा उसे दाखिल तक नहीं किया गया व बाद में थाना रूड़ेके द्वारा उसे दाखिल करवाया गया। उसे अब भी मारपीट करने वाले जनरल वर्ग के लोगों से खतरा बना हुआ है।

पीड़ित आकाशदीप सिंह ने मांग की कि मारपीट करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ बेशक मामला दर्ज किया गया है परंतु उसकी ड्यूटी पर हाजरी के समय मारपीट हुई है। इसलिए जुर्म में बढ़ावा करने व उसे अस्पताल में दाखिल न करने वाले डाक्टर के खिलाफ बनती कानूनी कार्रवाई की जाए। पूनम कांगड़ा ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि यह बड़े शर्म की बात है कि पुलिस अपने ही मुलाजिम को इंसाफ दिलाने में फेल है। पूनम कांगड़ा ने डीएसपी तपा गुरविंदर सिंह को आदेश दिए कि वह मारपीट करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज मामले में 353 व 333 का बढ़ावा करने व अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार करके 25 मई को खुद हाजिर होकर एससी कमीशन पंजाब के चंडीगढ़ दफ्तर में रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए।

सिविल सर्जन बरनाला को आकाशदीप को अस्पताल में दाखिल न करने वाले डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई करके रिपोर्ट चंडीगढ़ दफ्तर भेजने के आदेश दिए। इस मौके एसपी हेडक्वार्टर अनिल कुमार, डीएसपी तपा गुरबिंदर सिंह, डीडीपीओ रूप सिंह, नायब तहसीलदार अवतार सिंह, डीपीआरओ मेघा मान, बीडीपीओ शैहणा सुमित्रा, एसएचओ तपा नरदेव सिंह, एसएमओ तपा नवजोतपाल सिंह आदि उपस्थित थे।

Edited By: Vinay Kumar