जागरण संवाददाता, जालंधर : बस स्टैंड-गढ़ा रोड की 72 दुकानों का विवाद अब राजनीतिक रंगत ले रहा है। दुकानदारों द्वारा विधायक परगट सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद अब पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ अकाली नेता सरबजीत सिंह मक्कड़ भी दुकानदारों के पक्ष में आ गए हैं। बुधवार को दूसरे दिन भी दुकानदारों ने विधायक परगट सिह के खिलाफ नारेबाजी की। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि विधायक की शह पर ही उन्हें उजाड़ा जा रहा है। मंगलवार को भी दुकानदारों ने परगट सिंह के खिलाफ प्रदर्शन किया था और आरोप लगाया था कि सोमवार को ही मीटिग में विधायक परगट सिंह ने उनके साथ बदसलूकी की थी।

बुधवार को दुकानदार एक बार फिर प्रधान चंदन माघा के नेतृत्व में बस स्टैंड रोड पर इकट्ठा हुए और विधायक के खिलाफ नारेबाजी की। पूर्व विधायक मक्कड़ ने कहा कि परगट सिंह पहले तो कोरोना वायरस के डर से घर से बाहर ही नहीं निकले और अब शहर खुल गया है तो लोगों को तंग करने आ गए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के कारण हुए लॉक डाउन से कामकाज पहले ही ठप हैं। ऐसे में दुकानदारों को हटा कर उनकी रोजी-रोटी छीना ठीक नहीं है। उनके लिए नई व्यवस्था होनी चाहिए। जब तक ये काम नहीं होता, दुकानदारों को काम करने दिया जाए।

प्रधान चंदन माघा ने कहा कि मंगलवार को परगट के आदेश पर ही पुलिस ने उन्हें पकड़ा था और थाने में मारपीट की थी। पुलिस उनकी बात भी नहीं सुन रही और न ही मेडिकल करवाने दिया जा रहा है।

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हाईकोर्ट के आदेश का पालन होगा : निगम कमिश्नर

निगम कमिश्नर करनेश शर्मा ने कहा कि इन दुकानों का माला कोर्ट से जुड़ा है। इसमें कोर्ट के फैसले के अनुसार ही काम होगा। दुकानें सड़क पर बनी हैं, इसलिए कोर्ट ने इन्हें हटाने को कहा है। इस मामले में एक्शन तो होना ही है, लेकिन अभी इसका शेड्यूल तय नहीं है।

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