मुंह पर काले कपड़े और हाथ में लोहे के रॉड... पुलिस के हाथ लगा वीडियो; 5 दिन पहले रची गई थी LPU में बवाल की साजिश
फगवाड़ा स्थित एलपीयू में हुआ बवाल पुलिस जांच में एक बड़ी साजिश का हिस्सा प्रतीत हो रहा है, जिसमें घटना से पहले एक वीडियो प्रसारित किया गया था।
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LPU के मुख्य गेट पर खड़े छात्र। फोटो पीटीआई
HighLights
पुलिस जांच में एलपीयू बवाल बड़ी साजिश का हिस्सा।
घटना से पहले छात्राओं के हॉस्टल से वीडियो प्रसारित हुआ।
नकाबपोश उपद्रवियों ने छात्रों को भड़काया, पुलिस तलाश में।
दिनेश कुमार, जालंधर। फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में शुरू हुआ बवाल पुलिस जांच में प्रथम दृश्यता एक बड़ी साजिश का हिस्सा प्रतीत हो रहा है। सूत्रों के पुलिस के हाथ वीडियो लगा है जोकि बवाल से चार-पांच दिन पहले इंटरनेट मीडिया के माध्यम से एलपीयू की छात्राओं के एक हास्टल में पहुंचा था। यहीं से यह रेडिट के माध्यम से पूरे कैंपस में प्रसारित किया गया।
उस समय छात्रों ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर शनिवार को क्या हुआ कि देर रात को छात्र सड़कों पर उतर आए। यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भी इस बात को माना है कि वीडियो छात्राओं के हास्टल से ही प्रसारित हुआ था। वीडियो में एक छात्रा से हास्टल में दुष्कर्म और दो दिन बाद उसके द्वारा आत्महत्या करने की बात कही गई थी।
पुलिस का साइबर सेल अब इस वीडियो को प्रसारित करने वाली छात्रा का आइपी एड्रेस का पता लगाने में जुटी है। पुसिस जांच में यह भी बात सामने आई है कि प्रदर्शनकारी छात्रों की भीड़ में उपद्रवी चेहरे पर काला कपड़ा और हाथों में लोहे की राड लेकर घुस आए थे और उन्होंने छात्रों को उपद्रव के लिए भड़काया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से आठ नकाबपोशों की तलाश कर रही है।
दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
एलपीयू में शनिवार रात और रविवार को दिन भर हुए बवाल के बाद सोमवार को इसके आसपास के क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। वहां पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वहीं, इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के आदेश पर एलपीयू पहुंचे डीजीपी गौरव यादव ने स्पष्ट किया कि आरोपित चाहे कितना भी बड़ा हो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं, इस मामले की राज्य महिला आयोग ने शुक्रवार को पटियाला की चितकार यूनिवर्सिटी और शनिवार को एलपीयू में हुई घटनाओं का स्वत: संज्ञान लेते हुए दोनों पटियाला व कपूरथला के एसएसपी से 30 सितंबर तक इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यूनिवर्सिटी की ओर से दस दिन की छुट्टियों के बाद हास्टलों में रहते कुछ विद्यार्थी अपने-अपने घरों को जाने लगे हैं।
छात्र परिसर में थे तो हालात सामान्य थे
बताया जा रहा है कि जब तक छात्र विश्वविद्यालय परिसर के अंदर रहे, तब तक स्थिति पूरी तरह बेकाबू नहीं हुई थी। जब कुछ छात्रों ने मुख्य गेट खोला और छात्रों का बाहर निकलना शुरू हुआ, तो स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की मिनट-दर-मिनट कड़ी तैयार कर रही है कि मुख्य गेट खुलने के बाद कौन-कौन लोग अंदर और बाहर गए।
पुलिस को आशंका है कि मुख्य गेट खुलने के बाद कुछ बाहरी लोग भी छात्रों के साथ अंदर पहुंचे। इसके बाद कैंपस में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। उनकी पहचान के लिए भी लगातार सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही हैं।
शिक्षा मंत्री बोले- साजिश हुई तो साजिशकर्ताओं को नहीं बख्शेंगे
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब देश का प्रमुख शैक्षणिक केंद्र है, जहां देश-विदेश से स्टूडेंट्स पढ़ने आते हैं। निजी यूनिवर्सिटी में भय और अराजकता का माहौल पैदा करने की कोशिश बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि यदि यह साजिश है तो साजिशकर्ताओं को भी बख्शा नहीं जाएगा।
सुखबीर का आरोप आप ने सबक सिखाने के लिए रची साजिश, पन्नू बोले आरोप निराधार शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने आरोप लगाया कि एलपीयू में उपद्रव आम आदमी पार्टी की साजिश है।
उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी से चांसलर अशोक मित्तल ने आप छोड़ भाजपा का दामन थामा है। आप सरकार ने इसका सबक सिखाने के लिए एलपीयू में उपद्रव करवाया।
वहीं, भाजपा के पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ ने इस मामले की जांच एनआइए से करवाने की मांग की है। उधर, आप के पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने आरोपों को सिरे से नकारा है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बड़ी सूझबूझ से उपद्रव को शांत करवाया है।
