जालंधर, [सुनील प्रभाकर]। पंजाब में खालिस्तानी आतंक को जिंदा कर खूनी खेल खेलने के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ ने बड़ी साजिश तैयार की है। वह यहां पाकिस्तान की आर्म्‍स फैक्टरी में बने बम और ग्रेनेड भेज रही है। पंजाब में अब वह एचजी-84 ग्रेेनेड भेज रहा है और राज्‍य में यह कश्‍मीर हो‍कर पहुंच रहा है। अमृतसर के राजासांसी हवाई अड्डे के पास अदलीवाल मे निरंकारी भवन में सत्‍संग में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान की आर्मी फैक्टरी में बने ग्रेनेड के इस्‍तेमाल से यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है। 

पाकिस्तान की आर्मी की असलहा फैक्टरी में बनते हैं एचजी-84 हैंड ग्रेनेड

2016 में गुलाम कश्मीर से भारत की सीमा में घुसपैठ करते वक्त कश्मीर में मारे गए चार आतंकी घुसपैठियों से भी पाकिस्तान की असलहा फैक्टरी में बने यही एचजी-84 हैंड ग्रेनेड बरामद हुए थे। इससे साफ है कि भारत में निर्दोषों का खून बहाने के लिए कश्मीरी आतंकियों के साथ साथ अब खालिस्तानी आतंकियों की भी पाकिस्तान आर्मी की असलहा फैक्टरी के ग्रेनेड तक पहुंच बन गई है।

भले ही अंतराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान द्वारा अपनी आर्मी के आतंकियों के साथ संबंधों से इन्‍कार किया जाता रहा है, लेकिन भारत में आतंकी हमलों में मिले सबूत इस बात पर मुहर लगाते हैैं कि किस तरह पाकिस्तान आर्मी आतंकियों को न केवल मदद दे रही है बल्कि आतंकियों को भारत के खिलाफ जंग छेडऩे के लिए अपनी असलहा फैक्टरी तक मुहैया करवा दी है।

पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अमृतसर के अदलीवाल स्थित निरंकारी सत्संग भवन में हुए आतंकी हमले में खालिस्तानी आतंकियों द्वारा इस्तेमाल किए ग्रेनेड पाकिस्तान की आर्मी की असलहा फैक्टरी में बने होने की पुष्टी की है।

पाकिस्तान से कश्मीर और कश्मीर से खालिस्तानी आतंकियों तक पहुंचे ग्रेनेड

बीएसएफ के सूत्रों के अनुसार, पंजाब के बार्डर से ग्रेनेड पहुंचाए जाना संभव नहीं है। क्योंकि यहां की भूगौलिक स्थिति के चलते सीमाओं पर सुरक्षा को भेद पाना संभव नहीं है। जबकि खुफिया विभाग के सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान से एचजी-84 ग्रेनेड आतंकियों की मदद से कश्मीर और कश्मीर से पंजाब में रहते खालिस्तानी आतंकियों तक पहुंचाए जाने की संभावना ज्यादा प्रबल है। इस कनेक्शन को देखते हुए खुफिया एजेंसियां अब पहले से ज्यादा सतर्क हो गई हैैं।

बीस मीटर तक है इस ग्रेनेड की रेंज

पाकिस्तान आर्मी की असलहा फैक्टरी की ओर से अपनी वेबसाइट पर डाली गई जानकारी के अनुसार वहां बने 480 ग्राम वजनी एचजी-84 ग्रेनेड की रेंज 20 मीटर रेडियस तक होती है। इन्हें चलाने के लिए ग्रेनेड की पिन निकाल कर फैंकने के बाद साढ़े तीन से साढ़े पांच सेकेंड की समयाविधि में टारगेट पर फटकर तबाही मचाते हैं।

 

Posted By: Sunil Kumar Jha