जागरण संवाददाता, जालंधर। पर्यावरण संरक्षण समय की अहम जरूरत है। इसका धार्मिक ग्रंथों व शास्त्रों में भी जिक्र किया गया है। यह बात शहर स्थित बावा लाल दयाल आश्रम के महामंडलेश्वर 1008 महंत गंगा दास ने कहकर समाज के लिए पर्यावरण संरक्षण की अहमियत बताई। इसी क्रम में बावा लाल दयाल आश्रम, दिलबाग नगर में इस मुहिम के तहत अभियान का आगाज किया गया है। जिसके तहत सप्ताहिक सत्संग तथा प्रवचनों के उपरांत महामंडलेश्वर 1008 महंत गंगा दास ने प्रसाद के रूप में भक्तों को पौधे वितरित किए। इसके साथ ही इनका संरक्षण करने को भगवान की उपासना करने की समान बताया।

इससे पूर्व आयोजित सत्संग के दौरान उन्होंने कहा कि कण-कण में परमात्मा का वास है। अध्यात्मिक नजर से देखा जाए तो वृक्ष, पौधे तथा नदियों में भी भगवान का वास है। यही कारण है कि पौधे, वृक्ष तथा नदियां इंसान को जीवन जीने के लिए मदद करती हैं। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो इन कुदरती संसाधनों के बिना इंसान का जीवन शून्य है। महंत गंगा दास ने कहा कि कुदरती संसाधनों श की अहमियत को पहचान कर इनकी रक्षा तथा सुरक्षा करना हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी भी है। सेवा भारती जालंधर के तत्वाधान में आयोजित किए गए पर्यावरण संरक्षण मुहिम के तहत तुलसी के पौधे सभी भक्तों को वितरित किए गए।

कुदरती संसाधन ही आत्मा का परमात्मा से मिलन करवाते हैं

आश्रम के उत्तराधिकारी महामंडलेश्वर महंत केशवदास ने कहा कि कुदरती संसाधन ही आत्मा का परमात्मा के साथ मिलन करवाते हैं। कुदरती संसाधनों में भी भगवान का वास है, जिसके चलते यह भी वास्तव में पूजनीय है। मौके पर स्व. विद्यासागर गुप्ता को समर्पित परिवार की तरफ से लंगर लगाया गया। इस अवसर पर धर्मपाल शर्मा, राजेश मोहन गुप्ता, सोनू गुप्ता, दीपक वर्मा, रामपाल शर्मा, वरुण शर्मा, राजेंद्र ढल्ला, मनोहर लाल शर्मा, रवि महाजन, रेखा शर्मा, रजनी व किरण दत्ता सहित श्रद्धालु मौजूद थे।

Edited By: Pankaj Dwivedi