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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 13, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Baisakhi 2021: बैसाखी पर पंजाब के गुरुद्वारों में संगत ने की अरदास, श्री हरिमंदिर साहिब में उमड़े श्रद्धालु

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Tue, 13 Apr 2021 12:09 PM (IST)

Baisakhi 2021 बैसाखी पर्व पर पंजाब के गुरुद्वारों में संगत माथा टेकने पहुंची। अमृतसर स्थित श्री हरिमंदिर साहिब में सुबह ...और पढ़ें

श्री हरिमंदिर साहिब के सरोवर में स्नान करते श्रद्धालु। जागरण
श्री हरिमंदिर साहिब के सरोवर में स्नान करते श्रद्धालु। जागरण

जेएनएन, अमृतसर। Baisakhi 2021: बैसाखी पर्व पर इस बार भी कोरोना व किसान आंदोलन का असर साफ दिख रहा है। कोविड प्रोटोकाल के कारण इस बार कार्यक्रम आयोजित नहीं किए गए हैं, लेकिन लोग गुरुद्वारों में माथा टेकने जरूर पहुंच रहे हैं। अमृतसर स्थित श्री हरिमंदिर साहिब में सुबह से ही श्रद्धालु नतमस्तक होने के लिए पहुंच रहे हैं। 

श्री अकालतख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने खालसा साजना दिवस पर सिख संगत को बधाई दी है।उन्होंने बताया कि प्रत्येक साल यह त्योहार सारे विश्व में धूमधाम से मनाया जाता है। तख्त श्री दमदमा साहिब में 1706 में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने इस पर्व को श्रद्धा भावना से मनाया था। 

श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने पहुंचे श्रद्धालु। जागरण

यहीं पर हजारों की संख्या में संगत गुरुवाली बनी थी। गुरु जी ने मालवा को गुरु का मालवा कहकर सम्मान किया था। आज भी लाखों की संख्या में संगत नतमस्तक होने पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कई मुश्किलें सामने आ रह आ रही हैं।

अमृतसर स्थित श्री हरिमंदिर साहिब में पहुंचे श्रद्धालु। यहां सुबह से भीड़ लगी रही। अधिकांश श्रद्धालु बिना मास्क के दिखे। जागरण

श्री अकालतख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि आर्थिक साधन कमजोर पड़ रहे हैं। चाहे कारोबार है, खेतीबाड़ी और चाहे नौकरी। दिहाड़ी मजदूरी करने वाले भी परेशान हैं। कारोबार तबाही के किनारे और सरकार की गलत नितियों के कारण यह कमजोर हो रहे हैं। उन्होंने सभी से अपील की हैं कि एकजुट होकर आर्थिक साधनों को मजबूत किया जाए। इसके साथ ही सभी धार्मिक रूप से भी मजबूत होंगे। उन्होंने लोगों से अपील की है कि नशों का त्याग करें और गुरु बानी का सिमरन कर धार्मिक रूप से मजबूत बनें। उन्होंने बताया कि आज वैशाखी पर्व पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्री दरबार साहिब में माथा टेका और स्नान किया।

श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने पहुंचे निहंग। जागरण

कोरोना प्रोटोकाल का असर भी गुरुद्वारों में दिखा। गुरुद्वारा प्रबंधकों द्वारा सेनिटाइजर की व्यवस्था की गई थी और लोगों से शारीरिक दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही थी। हालांकि इसके बावजूद संगत में शामिल कई लोग बिना मास्क भी नजर आए।