संवाद सहयोगी, फरीदकोट। बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी ने पठानकोट के चिंतपूर्णी मेडिकल कालेज की तरफ से 28 व 29 मई को कालेज की खाली 41 एमबीबीएस की सीटें भरने के लिए रखी गई कालेज स्तर की काउंसलिंग को गैरकानूनी करार दिया है। इस संदर्भ में न सिर्फ कालेज को नियमों की अवहेलना करने का नोटिस जारी किया है, बल्कि सार्वजनिक सूचना के माध्यम से विद्यार्थियों को गैर कानूनी ढंग से हो रही काउंसलिंग के प्रति सचेत भी किया है।

नेशनल मेडिकल कमिशन ने 11 अप्रैल को पठानकोट के चिंतपूर्णी मेडिकल कालेज को एमबीबीएस की 150 सीटें भरने की इजाजत दे दी थी। इसके आधार पर 25 अप्रैल को पंजाब सरकार ने दाखिले के लिए हरी झंडी दे दी थी। नेशनल मेडिकल कमिशन की हिदायत के मुताबिक दाखिले के आखिरी दिन 28 अप्रैल को बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी ने फरीदकोट में स्पेशल काउंसलिंग आयोजित की थी, जिसमें कालेज की 109 सीटें भर गई थी। मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रशासन के मुताबिक पठानकोट मेडिकल कालेज की प्रबंधक कमेटी ने अपने कालेज में एमबीबीएस की खाली 41 सीटें भरने की इजाजत के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जोकि खारिज हो चुकी है। 

बाबा फरीद विश्वविद्यालय के एडमिशन ब्रांच के इंचार्ज डा. अमित जैन ने बताया कि यूनिवर्सिटी के ध्यान में आया है कि पठानकोट मेडिकल कालेज ने 41 एमबीबीएस की खाली सीटें भरने के लिए 28 व 29 मई को कालेज स्तर की काउंसलिंग रखी है, जोकि पूरी तरह से गैरकानूनी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 41 सीटें पर दाखिले की उक्त प्रक्रिया को न तो नेशनल मेडिकल कमिशन से मान्यता मिलेगी और ना ही उन्हें बाबा फरीद विवि पंजीकृत करेगी।

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Edited By: Vinay Kumar