जालंधर, [फरीद शेखूपुरी]: एसटीएफ ने सालों से गुप्त सूचना के तहत नाकेबंदी कर नशा तस्करों को पकड़ फिल्मी कहानी बना मामला दर्ज करने की रीत को बदलने के लिए पुलिस आइओज व जीओज को हिदायत दी है। नशा तस्करों की गिरफ्तारी व नशे की बरामदगी के फर्जी जगहों से एसटीएफ घबरा चुकी है। आमतौर

पर पुलिस आरोपितों को उठाती कहीं से है, और उनकी गिरफ्तारी किसी दूसरी जगह से दिखाती है। इसका पुलिस को खामियाजा यह भुगतना पड़ता है कि कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपित पक्ष यह साबित कर देता है कि पुलिस द्वारा दिखाई गई गिरफ्तारी की जगह पर वह उस समय मौजूद ही नहीं था।

पीएपी कांप्लेक्स में एसटीएफ की ओर से एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज होने वाले मामलों के लिए पुलिस आइओज व जीओज के लिए स्पेशल ट्रेनिंग कैंप आयोजित किया गया था। मुख्य रूप से कैंप में पहुंची एडीजीपी, एसटीएफ गुरप्रीत कौर ने कहा कि राज्य में नशा सप्लाई पर रोक लगाने के साथ नशे की मांग को भी पूरी तरह से खत्म करना एसटीएफ के एक्शन प्लान में शामिल है। उन्होंने बताया कि राज्य में दो किलोग्राम व उससे अधिक हेरोइन के साथ पकड़े गए 143 नशा तस्करों में से 90 फीसद जेल में हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी माना कि राज्य में अब भी नशे की सप्लाई खत्म नहीं हुई। नशा पंजाब में पूरी तरह तब तक खत्म हो जाएगा इस पर उन्होंने कहा कि इसकी कोई समय सीमा बताना संभव नहीं।

वहीं, इस दौरान आइजीपी प्रमोद बान ने उन्हें कहा कि अब फिल्मी कहानियां गढऩा छोड़ दें। जिस जगह से आरोपित पकड़ा जाता है, उसकी उसी जगह की गिरफ्तारी डालें। उन्होंने कहा जमाना बहुत एडवांस हो चुका है। मोबाइल लोकेशन व अन्य वैज्ञानिक तकनीक आपके झूठ को पकड़ लेगी। उन्होंने कहा गलत जगह एफआईआर में मेंशन करने से केस कमजोर होता है, जिसका नुकसान पुलिस विभाग को और फायदा आरोपित को होता है।

आइजीपी प्रमोद बान ने कहा कि राज्य की जेलों में 40 फीसद कैदी व आरोपित एनडीपीएस एक्ट के मामलों के हैं। उन्होंने कहा जेल में वैसे ही जगह नहीं है। इसके लिए जरूरी है कि नशा करने वालों को पकड़ उन्हें नशा छुड़ाओ केंद्र भेज उन्हें इस दलदल से निकलने के लिए प्रेरित करना चाहिए और पुलिस की पहली नजर नशा तस्करों पर होनी चाहिए।

27 माह में राज्य में 645.4 किलो हेरोइन बरामद

पंजाब पुलिस ने एक जनवरी 2017 से लेकर 17 जनवरी 2019 के बीच में एनडीपीएस एक्ट के तहत 25291 मामले दर्ज कर 30174 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें हैरोइन की बरामदगी 645.4 किलो, अफीम की बरामदगी 1550.1 किलो, पोपी हस्क (भुक्की) की बरामदगी 90178.2 किलो, इंजेक्शन की बरामदगी 106130, नशीली गोलियां और कैप्सूल की बरामदगी 12236204 हुई है।

215 फीसद हेरोइन और 166 फीसद अफीम की बरामदगी बढ़ी

साल 2016-17 में पंजाब पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत 5879 मामले दर्ज किए। इसमें 6973 आरोपितों को गिरफ्तार कर 118.4 किलो हैरोइन, 414.7 किलो अफीम, 27203.5 किलो पोप्पी हस्क (भुक्की), 20086 इंजेक्शन और 1942169 नशीली गोलियां व कैप्सूल बरामद किए। जबकि साल 2017-18 में दर्ज हुए मामलों में 135.3 फीसद की बढ़ोतरी हुई। जबकि 126 फीसद गिरफ्तारियां बढ़ी। जिसके तहत 214.9 फीसद हैरोइन, 166 फीसद अफीम, 77.5 फीसद भुक्की, 72 फीसद इंजेक्शन और 88.9 फीसद नशीली गोलियों व कैप्सूल की बरामदगी बढ़ी।

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Posted By: Vipin Kumar

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