नवीन कुमार/कमल कृष्ण हैप्पी, पठानकोट। Army Helicopter Crashes: पठानकोट से सटी रणजीत सागर डैम (आरएसडी) झील में बसोहली (जेएंडके) के पुरथू के निकट मंगलवार की सुबह 10:50 बजे सेना का ध्रुव एएलएच मार्क-4 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें दो पायलट सवार थे। हेलीकॉप्टर ने मामून कैंट से सुबह 8:30 बजे उड़ान भरी थी। सुरक्षा की दृष्टि से पठानकोट को हाई अलर्ट घोषित किया गया है। इसके मद्देनजर सेना व पुलिस को भी सतर्क किया गया है। स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

कुछ दिन पहले इसी एरिया में दो संदिग्ध भी देखे गए थे। मंगलवार की सुबह 8:30 बजे हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी थी। एरिया में घने जंगल और झील के इर्द-गिर्द एरिया में रुटीन प्रैक्टिस कर रहा था। सुबह 10:50 बजे यह झील के लेबल से काफी नजदीक से उड़ान पर आ गया था कि अचानक से इसका संतुलन बिगड़ गया और वह झील में डूब गया। पायलटों की पहचान लेफ्टिनेंट कर्नल एएस भट्ट व कैप्टन जयंत जोशी के रूप में हुई है।

नाव में निकाला गया हेलीकॉप्टर का मलबा। जागरण

दोनों पायलटों के जूते और हेलमेट रेसक्यू आपरेशन के दौरान बरामद हो गए हैं। सैन्य अधिकारियों का मानना है कि हेलीकॉप्टर क्रेश होने से पहले दोनों पायलट कूद गए होंगे और वह बीच गहराई में चले गए हैं। जम्मू और पंजाब की टीम आरएसडी के अलग-अलग स्थानों पर जांच कर रही हैं। जांच करने के बाद दोबारा आरएसडी विजया जहाज (बेड़ा) के माध्यम से जांच में जुट गई है। गोताखोर भी चालक दल को ढूंढ रहा है। मौके पर कठुुआ के एसएसपी के भी मौजूद हैं।

राहत एवं बचाव कार्य में जुटी टीम। जागरण

उधर, एसएसपी पठानकोट सुरेंद्र लांबा का कहना है कि अभी तक जो जानकारी उनके पास है उसके अनुसार हेलीकॉप्टर में सैन्य अफसर सवार थे। उन्हें ढूंढने के लिए सेना द्वारा सर्च अभियान चलाया जा रहा है। कहा कि उन्हें ढूंढने के लिए सात मोटर बोट व दो बड़े मोटर बोट लगाए गए हैं। हेलीकॉप्टर के मलबे को झील से निकाल लिया गया है।

एनडीआरएफ की टीम बचाव कार्य में जुटी है। अभी रेस्क्यू आपरेशन चल रहा है। NDRF भी मौके पर है। हेलीकॉप्टर का कुछ हिस्सा निकाल दिया गया है। पायलट व को-पायलट की तलाश जारी है। सैन्य सूत्रों के मुताबिक अभी उनका ध्यान राहत एवं बचाव कार्य पर है। हादसा कैसे और क्यों हुआ इसकी ठीक-ठीक जानकारी बाद में दी जाएगी। 

पठानकोट में रणजीत सागर डैम में गिरे हेलीकॉप्टर को सर्च करती एनडीआरएफ की टीम। जागरण

बता दें, पंजाब में इसी वर्ष मई माह में भी भारतीय वायु सेना का MIG-21 क्रैश हो गया था। इसमें पायलट की मौत हो गई थी। यह हादसा मोगा शहर से करीब 28 किलोमीटर दूर बाघापुराना से मुदकी रोड स्थित गांव लंगेयाना नवां के निकट हुई थी। विमान मध्य रात्रि को खाली पड़े प्लाट में गिर गया था। जहाज के गिरते ही चारों तरफ आग ही आग फैल गई। यह विमान नियमित प्रशिक्षण के लिए उड़ान पर था। 

विमान के पायलट ने पैराशूट से कूदकर अपनी जान बचाने की कोशिश की, लेकिन छलांग लगाते समय पायलट की मौत हो गई थी। इससे पहले नवांशहर में भी एक सेना का विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। हालांकि इसमें सवार अन्य सभी लोग बच गए थे।

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Edited By: Kamlesh Bhatt