जेएनएन, जालंधर। आज दर्द बांटने का दिन है। उन सभी का दर्द जिनके अपने उनसे बिछुड़ गए। उन सभी का दर्द को चाहकर भी अपने स्वजनों, मित्रों व करीबियों की मदद नहीं कर पाए। उन सभी का दर्द जो अब भी अस्पतालों में इस महामारी के प्रकोप को झेल रहे हैं और उन सभी का दर्द भी जो दिन-रात लोगों की सेवा में जुटे हैं। दर्द बांटने का सबसे आसान वह सहज तरीका है प्रार्थना। आज पंजाब में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह सहित राजनीतिक व गैर राजनीतिक संगठनों सहित अधिकारियों व कर्मचारियों ने प्रार्थना की। कई मंदिरों, गुरुद्वारों, चर्च व मस्जिदों में भी प्रार्थना की गई। आइए तस्वीरों में देखते हैं प्रार्थना सभा...

अमृतसर श्री दुर्ग्याणा तीर्थ में सर्व धर्म प्रार्थना में हिस्सा लेते हिंदू, मुस्लिम, सिख व ईसाई समुदाय के प्रतिनिधि। जागरण

मोहाली के बलौंगी स्थित सीताराम मंदिर में प्रार्थना करते श्रद्धालु। जागरण

जालंधर स्थित चर्च में प्रार्थना करतीं नन। जागरण

मोगा में प्रार्थना करते मुस्लिम समुदाय के लोग। जागरण

फाजिल्का स्थित गुरुद्वारे में अरदास करते सिख समुदाय के लोग। जागरण

 

कोविड मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते शिअद प्रधान व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल व उनकी पत्नी पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल। जागरण

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ प्रार्थना करते हुए। जागरण

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी शर्मा व अन्य प्रार्थना में हिस्सा लेते हुए।

अमृतसर में प्रार्थना करते पुलिस अफसर। जागरण

अमृतसर में 11 बजते ही ट्रैफिक थम गया और पुलिस व लोगों ने प्रार्थना की। जागरण

अमृतसर फोर्टिस अस्पताल में प्रार्थना करते स्टाफ मेंबर। जागरण

अमृतसर : दैनिक जागरण द्वारा आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना के दौरान मस्जिद सिकंदर खान हाल बाजार में दुआ करते हुए मुस्लिम भाईचारे के बच्चे। जागरण

 

बठिंडा में एनडीआरएफ के जवान व अफसर प्रार्थना करते हुए। जागरण

प्रार्थना आपको ईश्वर के करीब ले जाती है। यह सूक्ष्म स्तर पर काम करती है और इसकी वजह से प्रकृति में आपके अनुरूप बदलाव आते हैं। वैज्ञानिक भी कहते हैं कि प्रार्थना एक मानसिक क्रिया है, जो कहीं भी, कभी भी की जा सकती है। अपने ईष्ट का स्मरण प्रार्थना है। उनकी अपार शक्ति का चिंतन प्रार्थना है। यह ईश्वर के साथ संपर्क बनाने का सबसे सरल और आसान माध्यम है। धर्म, पंथ, संप्रदाय के अनुसार प्रार्थना करने के तरीके बेशक अलग-अलग हों, लेकिन इसका उद्देश्य समान है। प्रार्थना योग अपने आप में एक अलग विज्ञान है। प्रार्थना को मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य प्राप्त करने की एक क्रिया भी माना जाता है।

प्रार्थना शब्द 'प्र' और 'अर्थ' से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है पूर्ण तल्लीनता के साथ निवेदन करना। इसमें आदर, प्रेम, आवेदन एवं विश्वास समाहित हैं। प्रार्थना के माध्यम से भक्त अपनी असमर्थता को स्वीकार करते हुए ईश्वर को कर्ता मान लेता है। प्रार्थना में ईश्वर को कर्ता मानने से तात्पर्य है कि हमारा अंतर्मन यह स्वीकार कर लेता है कि ईश्वर हमारी सहायता कर रहे हैं और कार्य पूर्ति भी करवा रहे हैं।

कोरोना योद्धाओं की हिम्मत बढ़ाने व उपचाराधीन लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से आज लोग दुआ कर रहे हैं। समाज का कोई ऐसा वर्ग नहीं है तो इस पवित्र कार्य के लिए आगे न आया हो। धर्म गुरु, समाजसेवी, राजनेता, सेलिब्रिटी, सेना, पुलिस व अर्ध सैनिक बलों के जवान, कर्मचारी, व्यापारी, उद्योगपति, डाक्टर, वकील, मेडिकल स्टाफ, सामाजिक व धार्मिक संगठन, किसान व श्रमिक सभी प्रार्थना की।

Edited By: Kamlesh Bhatt