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पिता के निधन के बाद मां ने दिया हौसला, FD तुड़वा भेजा हॉस्टल; हिमाचल की सीमा कुमारी ने एशियन गेम्स में जीता कांस्य

Published: Mon, 05 Oct 2026 06:01 AM (IST)

एशियाई खेलों में 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतने वाली एथलीट सीमा कुमारी को जालंधर के टैगोर अस्पताल में सम्मानित किया गया।

हिमाचल की सीमा कुमारी ने एशियन गेम्स में जीता कांस्य पदक। फोटो जागरण

हिमाचल की सीमा कुमारी ने एशियन गेम्स में जीता कांस्य पदक। फोटो जागरण

HighLights

  1. एशियाई खेलों में 10,000 मीटर दौड़ में सीमा कुमारी ने कांस्य जीता।

  2. मां ने एफडी तुड़वाकर एथलेटिक्स में भेजा, पिता का निधन बचपन में।

  3. जालंधर में सम्मानित, अब ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने का लक्ष्य।

जागरण संवाददाता, जालंधर। जापान में एशियाई खेलों में 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य जीतने वाली एथलीट सीमा कुमारी रविवार को टैगोर अस्पताल एवं हार्ट केयर सेंटर पहुंची। सीमा हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के रेटा गांव की हैं। वह छह भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं। 25 वर्षीय सीमा के पिता का निधन उनके बचपन में ही हो गया था।

उनकी माता केसरी देवी ने कठिन परिस्थितियों में परिवार का पालन-पोषण किया और एथलेटिक्स में जाने के उनके फैसले का पूरा समर्थन किया। उसकी मां ने बैंक में पड़ी एफडी तुड़वाकर उसे हास्टल भेजा और प्रोत्साहित किया। सीमा कहती हैं कि गांव में सामान्य से जूते डालकर दौड़ की प्रेक्टिस करती थीं।

हालात काफी नाजुक थे, कई बार मन में ख्याल आते की एथलीट छोड़ दूं, परंतु जब लगता अगर छोड़ना ही था तो शुरू क्यों किया। उन्होंने कहा, एशियाई खेलों में स्वर्ण और रजत जीतने वाली दोनों ही ओलिंपिक चैंपियन थीं, इसलिए कांस्य जीतकर भी खुशी है। आगे और मेहनत करूंगी। वह धर्मशाला में बैंक आफ इंडिया में मैनेजर के पद पर तैनात हैं।

जीत के लिए लक्ष्य होना जरूरी : सीमा

सीमा ने कहा कि जीत के लिए जिंदगी में लक्ष्य होना जरूरी है। उसने जंदगी में आसमान की ऊंचाईयों को छूने के लिए लक्ष्य रखा। एथलीच को चुना और दिन-रात मेहनत की। पिछले तीन साल से वह अपने घर नहीं गई। भारत सरकार ने उसे एशियन गेम्स में उतारने के लिए देश-विदेश में ट्रेनिंग की। अब मेडल लेकर अपने घर जाएंगी और स्वजनों के साथ समय गुजारेंगी।

अब उसका लक्ष्य ओलिंपिक में स्वर्ण जीतना है। एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने को लेकर जो कमियां रही हैं, उन्हें दूर करेंगी। उनके पिता भेड़ बकरियां चराते थे। अब पुश्तैनी काम उनका छोटा भाई देख रहा है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को किसी न किसी फील्ड में लक्ष्य लेकर चलना चाहिए, ताकि उसे पाने की लालसा उससे मेहनत करवाएं।

अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर ने हिमाचली गीत से किया स्वागत

अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर डा. विजय महाजन ने हिमाचली गीत अवारे दर मेरा पारे तेरा हो... गाकर स्वागत किया। इस दौरान कांस्य पदक विजेता सीमा और स्टाफ की सदस्य ने नृत्य पेश किया। इससे पहले प्रबंधन ने सीमा को सम्मानित किया है। प्रबंधन की ओर से उन्हें एक लाख रुपये पुरस्कार, हिमाचली टोपी और शाल भेंट कर सम्मानित किया।

उनके साथ डा. अमित महाजन और स्टाफ के सदस्य भी मौजूद थे। टैगोर अस्पताल एमडी डा. विजय महाजन ने बताया कि सीमा कुमारी चंबा जिले से ही ताल्लुक रखती हैं, जो उनका भी गृह जिला है। सीमा का गांव उनके गांव से कुछ किलोमीटर की दूरी पर ही स्थित है। देश का नाम रोशन करने पर सीमा को सम्मानित किया गया और उसे ओलिंपिक में स्वर्ण जीतने की शुभकामनाएं दीं।