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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पंजाब विधानसभा उपचुनाव: AAP के बाद BJP ने किया उम्मीदवार घोषित, जालंधर वेस्ट से शीतल अंगूराल को दिया टिकट

Published: Mon, 17 Jun 2024 04:42 PM (IST)

Punjab Assembly by-election आम आदमी पार्टी के बाद बीजेपी ने भी जालंधर उपचुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिया है। ...और पढ़ें

Punjab Assembly by-election: बीजेपी ने घोषित किया उम्मीदवार।
Punjab Assembly by-election: बीजेपी ने घोषित किया उम्मीदवार।

HighLights

  1. बीजेपी ने शीतल अंगूराल को बनाया उम्मीदवार।
  2. 2022 में आम आदमी पार्टी की टिकट पर विधायक बने थे।
  3. ढाई महीने पहले वह विधायक पद से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए थे।

जागरण संवाददाता, जालंधर। आम आदमी पार्टी (आप) के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने भी जालंधर वेस्ट विधानसभा क्षेत्र के लिए उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। बीजेपी ने इस सीट के लिए शीतल अंगूराल को उम्मीदवार बनाया है।

शीतल अंगूरल साल 2022 में आम आदमी पार्टी की टिकट पर विधायक बने थे, लेकिन करीब ढाई महीने पहले वह विधायक पद से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए थे। इसी वजह से उपचुनाव हो रहा है। कांग्रेस भी मंगलवार शाम तक उम्मीदवार की घोषणा कर सकती है।

आप ने मोहिंदर भगत को दिया टिकट

बता दें कि जालंधर पश्चिम विधानसभा सीट के उपचुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी ने अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। आप ने हलका इंचार्ज मोहिंदर भगत को उम्मीदवार बनाया है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में मोहिंदर भगत भाजपा के उम्मीदवार थे।

उस समय उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद वर्ष 2023 में मोहिंदर भगत ने भाजपा को छोड़कर आम आदमी पार्टी ज्वाइन कर ली थी। पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में भगत बिरादरी के मतदाता बड़ी संख्या में रहते हैं। इसे देखते हुए आप ने मोहिंदर भगत पर दांव लगाया है।

10 जुलाई को है मतदान

जालंधर पश्चिम विधानसभा सीट पर 10 जुलाई को मतदान होना है। इसका परिणाम 13 जुलाई को आएगा। 21 जून तक नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकते हैं। आप के अलावा अब तक भाजपा, कांग्रेस और शिअद ने अपने उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया है।

उल्लेखनीय है कि जालंधर पश्चिम से आप के विधायक रहे शीतल अंगुराल ने 28 मार्च को विधायक पद से त्यागपत्र दे दिया था। इस कारण यह सीट खाली हो गई थी। लोकसभा चुनाव के लिए मतदान से एक दिन पहले विधानसभा अध्यक्ष ने अंगराल का त्यागपत्र स्वीकार कर लिया था, जिसके बाद चुनाव आयोग ने उपचुनाव की तारीख घोषित कर दी थी।

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