जागरण संवाददाता, जालंधर : जिला प्रशासनिक कांप्लेक्स में वीरवार शाम को आपातकालीन स्थिति में एडीसी अमृत ¨सह व एसडीएम राजीव वर्मा ने जान बचाने में कामयाबी हासिल की। वे आइएमए की ओर से जिला प्रशासनिक कांप्लेक्स के कांफ्रेंस हॉल में बेसिल लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) की ट्रे¨नग ले रहे थे।

आइएमए के डॉक्टरों की ओर से अचानक बेहोश होकर गिरने वाले लोगों को बचाने के लिए गुर सिखाए गए। एडीसी अमृत ¨सह व एसडीएम राजीव वर्मा ने डम्मी पर आपातकालीन में लोगों को बचाने के लिए ट्रायल किए। हालांकि डिप्टी कमिश्नर व¨रदर शर्मा इस कार्यक्रम में मौजूद थे, परंतु जरूरी कार्य की वजह से जल्दी चले गए थे। उन्होंने मिशन तंदुरुस्त पंजाब के तहत लोगों को बीएलएस की ट्रे¨नग समय की मांग बताया और भविष्य में ऐसी वर्कशॉप करवाने की बात पर जोर दिया। आइएमए के प्रधान डॉ. मुकेश गुप्ता ने बताया कि आपातकाल में अचानक बोहेश हुए व्यक्ति के पहले चंद मिनट ही उसकी ¨जदगी के सुनहरी होते हैं। इसके बाद अगर वह बच भी जाता है तो कई मरीजों की उसकी पूरी ¨जदगी बिस्तर पर कटती है। उन्होंने जिले में एक लाख लोगों को बीएलएस की ट्रे¨नग देने की बात कही। केयरमेक्स अस्पताल के एमडी डॉ. रमन चावला ने अधिकारियों व मुलाजिमों को बीएलएस की प्रक्रिया के दौरान मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने में मदद करने की अपील की। सही ढंग से बीएलएस से मरीज को जीवन दान मिल सकता है। उन्होंने सभी को बीएलएस के गुर सिखाए। रतन अस्पताल के डॉ. बलराज गुप्ता ने बताया कि जिला प्रशासन को तंदुरुस्त पंजाब मिशन के तहत लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए पूर्ण सहयोग देने की बात कही। टीम हर रविवार को जगह जगह कैंप लगा कर लोगों को ट्रे¨नग देगी। आइएमए की ओर से बीएलएस के लिए गठित टीम में डॉ. मीनाक्षी आनंद, डॉ. रमनदीप ¨सह, डॉ. अभिषेक कुमार, डॉ. पीयूष खन्ना, डॉ. नवतेज ¨सह, डॉ. मुकेश वर्मा, डॉ. रमन चावला, डॉ. बलराज गुप्ता, डॉ. ललित गर्ग व डॉ. अविनीश भगत को शामिल किया गया है। इस मौके पर एडीसी जसबीर ¨सह, आरटीए सचिव व¨रदर ¨सह बाजवा, सिविल सर्जन डॉ. जसप्रीत कौर सेखों, डॉ. तरसेम ¨सह, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. रमन गुप्ता, डॉ. डीआर शर्मा, सुरजीत लाल के अलावा जिला प्रशासनिक आफिस के स्टाफ के सदस्य मौजूद थे। ऐसे दें बीएलएस

-मरीज को सीधा लिटा दें।

-उसके कपड़े ढीले कर दें।

-बाजू फैला दें।

-भीड़ हटा दें, ताकि उसे हवा आए।

-उसकी टांगें थोड़ी ऊंची कर दें।

-पेट और छाती के बीच वाले हिस्से पर बड़ी ही सावधानी से हाथ रखकर हल्का-हल्का दबाएं।

-एक मिनट में 100 से 120 बार 2 से 2.5 ईच तक दबाएं।

-इसके साथ ही एंबलेंस बुलाकर उसे अस्पताल भिजवा दें।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!