जालंधर, जेएनएन। आम आदमी पार्टी (आप) हाईकमान को पंजाब में बिजली आंदोलन को प्रचंड रूप न दे पाना नागवार गुजरा है। पार्टी ने दिल्ली में दिल्ली में बिजली के 200 यूनिट निःशुल्क और अन्य यूनिट बेहद सस्ते दाम पर उपलब्ध करवाने को राजनीतिक रूप में भुनाने का फैसला लिया है। बिजली आंदोलन के साथ सत्तासीन कांग्रेस समेत अकाली-भाजपा गठबंधन को झटका देने की कवायद में जुटी आप ने अब इस आंदोलन को प्रचंड रूप देने के लिए छह सप्ताह का लक्ष्य निर्धारित किया है। हाईकमान ने इस मुद्दे को लेकर सक्रियता न दिखाने वाले पदाधिकारियों को भी ठिकाने लगाना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में जालंधर की 51 सदस्यीय कार्यकारिणी भंग कर दी गई है।


जालंधर में बिजली आंदोलन को आगामी डेढ़ माह में पूरी तरह से गर्म करने के उद्देश्य से जिला प्रधान डॉ. शिवदयाल माली को विधानसभा क्षेत्र जालंधर वेस्ट का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंप दिया गया है। गत दिनों ही छोटी बारादरी स्थित पार्टी कार्यालय में हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रिंसिपल बुध राम, विधायक बुढलाडा एवं चेयरमैन कोर कमेटी, मीत हेयर विधायक बरनाला, जय सिंह रोढी विधायक गढशंकर और सुखविंदर सुखी कोषाध्यक्ष पंजाब के निर्देश मुताबिक कुछ नई नियुक्तियां भी की गईं।

पार्टी के प्रदेश उपप्रधान और दोआबा के संगठन इंचार्ज डॉ. संजीव शर्मा ने बताया कि जालंधर शहर प्रधान डॉ. शिव दयाल माली को जालंधर वेस्ट विधानसभा क्षेत्र का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। प्रिंसिपल प्रेम कुमार को सह प्रभारी और सुरेंद्र सिंह को विधानसभा क्षेत्र शाहकोट के कस्बा लोहियां का शहरी प्रधान नियुक्त किया गया है। यह नियुक्तियां तुरंत प्रभाव से लागू हो गई हैं।
 

इसे पहले 31 अगस्त को नेता विपक्ष एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा और विधायक गुरमीत सिंह मीत हेयर को-ऑर्डिनेटर बिजली आंदोलन पंजाब की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में चीमा के निवास पर मीटिंग हुई। इसमें सूबे के सारे हलका इंचार्ज और जिला प्रधान हाजिर रहे। पंजाब सरकार की तरफ से बेतहाशा प्रति यूनिट कीमत में बढ़ोतरी और लोगों को दिल्ली की केजरीवाल सरकार की तरफ से खुद बिजली पैदा न करने के बावजूद  दिल्ली में सस्ती बिजली उपलब्ध करवाने संबंधी जागरूकता पैदा करने के लिए कहा गया।

जो पदाधिकारी पार्टी लाइन के अनुसार काम नहीं करेंगे, उन्हें सहन नहीं किया जाएगाः डॉ. माली

जिला प्रधान डॉ. शिवदयाल माली ने संगठन में लिए गए उपरोक्त फैसलों की पुष्टि करते हुए कहा कि बिजली आंदोलन को 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर प्रभावी तौर पर चलाना करना बेहद जरूरी है। इस कारण जो भी पदाधिकारी पार्टी लाइन के मुताबिक कार्य नहीं करेंगे, उन्हें सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन को सक्रियता से चलाने के लिए आगामी डेढ़ माह के भीतर प्रत्येक हलके में सक्रियता बढ़ाई जाएगी।


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Posted By: Pankaj Dwivedi

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