जालंधर [जगदीश कुमार]। हौसला बुलंद हो तो उम्र भी उसके आगे बौनी हो जाती है। इसी को चरितार्थ किया है ओहरी अस्पताल की डायरेक्टर रहीं 84 साल की डॉ. एना सीदालीजा क्लूमना ने। उन्होंने दो दिन पहले अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टर के छुïट्टी पर चले जाने के कारण वहां दो मरीज आने पर 20 साल बाद दो महिलाओं की डिलीवरी करवाई। हालांकि ज्यादा देर खड़े रहने के कारण उनकी अपनी पीठ में दर्द होने लगा। अस्पताल की ओर से बताया गया कि इमरजेंसी पहुंची दोनों गर्भवतियों में से एक के पेट में बच्चे की मौत हो चुकी थी और दूसरी महिला का प्रसव इमरजेंसी था। डॉ. ओहरी ने कड़ी मशक्त कर सफल प्रसव करवाए।

2000 में डॉ. क्लूमना ने अस्पताल के कामकाज से सेवानिवृत्ति ले ली थी। वह घर पर ही रहती थीं। अस्पताल में उनके बेटे माइकल ओहरी डाक्टरों की टीम के साथ लोगों को सेहत सेवाएं दे रहे है। माइकल ओहरी कहते है कि कोरोना की दहशत के चलते उनके अस्पताल में तैनात जच्चा-बच्चा माहिर डॉक्टर घर चले गए। इस दौरान एक साथ ही दो हाई रिस्क प्रसव के मामले आए। दोनों ही मरीजों की हालत ऐसी थी उन्हें तुरंत चिकित्सा सुविधा की जरूरत थी। जालंधर शहर के गुरदेव नगर के रहने वाले सन्नी मट्टू की पत्नी मनप्रीत कौर तथा भोगपुर के रहने वाले सोनू कुमार की पत्नी प्रीती के प्रसव के मामले सामने आए। प्रीती के गर्भ में बच्चा मर चुका था। वह शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों में गए परंतु वहां से उन्हें निराशा ही हाथ लगी। मामला उन्होंने अपनी मां डॉ. एना सीदालीजा क्लूमना ओहरी के समक्ष रखा तो वह बिना किसी देरी के अपने कमरे से उठ कर सीधे लेबर रूम में पहुंची वहां नर्सिंग स्टाफ के सहयोग से दोनों प्रसव करवाएं। इस दौरान सन्नी मट्टू की पत्नी मनप्रीत कौर ने सुशील कन्या को जन्म दिया।

वहीं, बुधवार को भी दुर्गा अष्टमी के दिन महितपुर से आई महिला की डिलिवरी की और उन्हें कंजक के रूप में कन्या से गोद भरी। सन्नी का कहना है कि उन्हें प्रसव करवाने के लिए काफी भटकना पड़ा। तीन चार अस्पतालों में गए परंतु सभी ने डिलिवरी करने की सहमति व्यक्त नहीं की। डॉ. ओहरी ने जिंदादिली दिखाई और जच्चा-बच्चा को सुरक्षा प्रदान की।

मैंने डॉक्टर होने का फर्ज निभायाः डॉ. एना 

डॉ. एना सिदालीजा क्लूमना ओहरी कहती हैं कि उन्हें डॉक्टर बनने पर ली हुई शपथ याद थी और उन्होंने उसकी मर्यादा को बरकरार रखते हुए अपना फर्ज अदा किया। 20 साल बाद दोबारा प्रसव करने में उन्हें कोई मुश्किल नहीं आई परंतु उमर के लिहाज से उनकी पीठ में दर्द उठने से थोड़ी तबीयत बिगड़ी थी।

Posted By: Pankaj Dwivedi

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