जागरण संवाददाता, जालंधर : बस स्टैंड पर 8 साल में रकम का तीन गुना कर वापस करने का झांसा देने वाली एमजीके एग्रीकल्चर डवलपर लिमिटेड कंपनी बंद हो गई है। केस दर्ज होने के बाद जब थाना सात की पुलिस ने जांच शुरू की तो पाया कि कंपनी का मैनेजर रितेश गुजरात फरार हो गया है। अमन गार्डन में किराना दुकान चलाने वाले रामबली को ठगी का अहसास तब हुआ जब बेटी बीमार होने पर उसे रुपये की जरूरत पड़ी। कंपनी मैनेजर ने उसे रुपये देने से ही इंकार कर दिया। रामबली ने केस दर्ज कराया तो मैनेजर भाग गया। पुलिस अब एजेंट की तलाश में छापेमारी कर रही है।

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले रामबली पिछले 34 साल से जालंधर के अमन गार्डन में परिवार के साथ रहते हैं। घर में ही किराना दुकान चलाने वाले रामबली ने बताया कि नूरपुर बुलंदपुर में रहने वाले शामनैन करीब 4 साल पहले दुकान पर आया था। उसने बताया था कि वह एमजीके एग्रीकल्चर डवलपर लिमिटेड में काम करता है। कंपनी का अभी ऑफर है कि रकम 8 साल में तीन गुना कर देगी। उसने कई लोगों को मिलने की भी बात कही। विश्वास दिलाने के लिए कंपनी का रजिस्ट्रेशन नंबर से लेकर उसके बारे में इंटरनेट तक में दिखाया। इस पर विश्वास कर उसने पत्नी प्रमिला के नाम से 60 हजार रुपये एकमुश्त रकम देकर 8 साल के लिए एफडी करा ली। रामबली ने बताया कि दो साल पहले उसकी बेटी की तबीयत खराब हो गयी। जमा पूंजी सारी गांव में लगाने के कारण उनके पास रुपये नहीं बचे। इस पर मजबूरन उन्होंने पत्नी की एफडी तोड़ने का मन बनाया। उन्होंने शामनैन से रुपये दिलाने को कहा। कई बार कहने पर भी जब शामनैन रुपये नहीं दिला सका तो वे जिद कर शाम नैन के साथ बस स्टैंड स्थित एमजीके एग्रीकल्चर डवलपर लिमिटेड के दफ्तर पहुंचे और मैनेजर रितेश कुमार से मिले।

रितेश से एफडी तोड़कर रुपये देने को कहा तो उसने जवाब दिया कि कंपनी में रूल अलग है। मैच्योरिटी के बाद रुपये मिलेंगे। ऐसे रुपये नहीं दिए जाते। जब राम बली ने उनकी बिना ब्याज के मूल रकम मांगी तो रितेश ने उसे भी देने से इंकार कर दिया। साथ ही कहा कि जो कर सको कर लो, रुपये नहीं मिलेंगे। इसके बाद उन्होंने थाना सात में शिकायत दी थी। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने मैनेजर रितेश और बुलंदपुर नूरपुर निवासी शामनैन के खिलाफ केस दर्ज कर तालाश शुरू की है। 15 साल पुरानी दोस्ती है कंपनी में फंसाने वाले से, घर से फरार हुआ दोस्त

रामबली ने बताया कि शामनैन यूपी में उनकी ही मऊ जिले का रहने वाला है। शामनैन की भी गोशाला के पास किराने की दुकान है। किराने के सामान को लेकर जान पहचान हो गई। उनकी दोस्ती 15 साल पुरानी है। दोस्ती के कारण ही उन्होंने पीसीएल कंपनी में करीब 62 हजार रुपये लगाए थे। अब जानकारी मिली है कि वह कंपनी से रुपये नहीं मिलने वाले। शामनैन के कारण एमजीके में भी रुपये दिए, लेकिन जब जरूरत पड़ी तो कंपनी की पोल खुल गई। रामबली का दावा है कि कंपनी ने शहर के कई लोगों से ठगी की है। वहीं गुस्से में जब लोग पहुंचे तो कंपनी का मैनेजर दफ्तर बंद कर भाग गया। थाना सात के एसएचओ ओंकार ¨सह ने बताया कि रितेश कुमार के बारे में जांच की गई तो पता चला कि वह गुजरात भाग गया है। वहीं अब उसके एजेंट शामनैन की तलाश में रेड की जा रही है।

Posted By: Jagran

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