जालंधर, जेएनएन। वैक्सीन की किल्लत का सिलसिला बरकरार है। शनिवार को सिविल अस्पताल के सेंटर पर ताला लगने से 45 साल अधिक आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन नहीं लगी। इस कारण कई लोग निराश होकर लौटे। वहीं 18-44 साल आयु वर्ग में श्रमिकों, सह बीमारियों व सेहत कर्मियों के परिजनों सहित 2105 लोगों को 15 सेंटरों पर वैक्सीन लगाई गई। देर रात 18-44 साल आयु वर्ग के लिए राज्य सरकार की ओर से चार हजार डोज पहुंची। हालांकि अर्बन प्राइमरी हेल्थ सेंटर गढ़ा में कोवैक्सिन की दूसरी डोज लगी।

तिलक नगर से आए 65 साल के अशोक कुमार व उनकी 60 साल की पत्नी बिशना देवी ने रोष व्यक्त किया। वह कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाने के लिए लाकडाउन में 150 रुपये में रिक्शा कर सिविल अस्पताल आए थे। सिविल अस्पताल के नर्सिंग स्कूल में पहुंचे तो वहां ताला लगा हुआ था। मौके पर कोई मुलाजिम भी तैनात नहीं था, जो लोगों को सूचना दे सके कि वैक्सीन कब लगेगी। उधर, जिले के राधा स्वामी डेरों के अलावा बनाए गए 15 सेंटरों में 18-44 साल के लोगों को वैक्सीन लगाई गई। वैक्सीन कम होने की वजह से कई सेंटर समय से पहले ही बंद हो गए।

जिला टीकाकरण अधिकारी जिला टीकाकरण अधिकारी डा. राकेश चोपड़ा ने बताया कि शनिवार को श्रमिकों के साथ साथ इस आयु वर्ग के सह बीमारियों तथा हेल्थ वर्करों के परिजनों को भी वैक्सीन लगाई गई। 45 साल से अधिक आयु वर्ग के लिए वैक्सीन न मिलने की वजह से ज्यादातर सेंटर बंद रहें। विभाग के पास केंद्र के कोटे की 14090 डोज कोवैक्सीन पड़ी है। 45 साल अधिक आयु वर्ग के लिए 2610 कोवैक्सीन की डोज पड़ी है।

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