जागरण संवाददाता, जालंधर : हर साल महिलाओं को लेकर कई कार्यक्रम किए जाते हैं। उन्हें सशक्त बनाने के लिए कई जगह विचार-विमर्श होते हैं। कई लोग तो आर्थिक रूप से संपन्न होने को ही महिला सशक्तीकरण मानते हैं। लेकिन यह महिला सशक्तीकरण का एक हिस्सा हो सकता है। शिक्षा, राजनीति, सामाजिक व आर्थिक तौर पर जब तक महिलाएं अपनी क्षमताओं को नहीं पहचानेंगी तब तक महिलाएं सशक्त नहीं होंगी। इसके लिए जरूरी है कि वे अपनी अंदर की शक्ति व अपनी क्षमताओं को पहचानें। महिला को सशक्त बनाने की शुरुआत हम अपने घर से ही कर सकते हैं। उक्त बातें शुक्रवार को समाज सेवी संस्था एकनूर द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में करवाए गए पहले सम्मान समारोह के दौरान एससीईआरटी की स्टेट कोआडिनेटर डॉ. श्रुति शुक्ला ने समारोह में बतौर अतिथि कहीं। केएल सहगल मेमोरियल हॉल में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को लेकर आयोजित इस समारोह में महिलाओं की बात हो रही थी। ऐसे में डॉ. शुक्ला ने अपनी मां समान सासु मां पर हाल ही में लिखी पुस्तक पद्मा का जिक्र करते हुए कहा कि समस्याओं व चुनौतियों का सामना करते हुए कैसे जीवन में आगे बढ़ा जा सकता है वह उन्होंने अपनी मां (सास) में देखा था। वह इतनी ज्यादा सशक्त महिला थी कि उनके व्यक्तित्व से प्रेरित हो मैंने यह किताब पद्मा लिखी। उन्होंने कहा कि भले ही उन्होंने सिलेबस से संबंधित कई किताबें लिखी, लेकिन वे सभी दिमाग से लिखी थी, लेकिन पद्मा उनकी रूह व उनकी आत्मा से लिखी गई है। उन्होंने कहा कि समाज के विकास के लिए महिलाओं को पुरुषों व पुरुषों को महिलाओं की सारी क्वालिटी रखनी होगी। शक्ति हमारे भीतर है जरूरत है सिर्फ अपनी क्षमताओं को पहचानने की। इससे पहले समारोह की मुख्यातिथि भाजपा प्रदेश प्रधान विजय सांपला की पत्नी सुदेश सांपला सहित विभन्न क्षेत्रों में उच्च पदों पर तैनात महिलाओं व एकनूर वेलफेयर सोसायटी के प्रधान प्रदीप खुल्लर, संदीप लक्की, मोनिक नंदा, मनोज उप्पल, कमल मेहता, अश्विन अग्रवाल, डॉ. आशीष अग्रवाल, डॉ. नवनीत कपूर, कुलवंत सिंह हंसपाल, पवन कपूर, दीपक ¨सह राठौर, रजनी खुल्लर, सोम कौर, रीटा शर्मा, अर्चना, वंदना, सुखबीर कौर चट्ठा, दीपाली बागड़िया, उर्मिल वैद्य, अलका नंदा, रितु रहेजा, ¨रप्पी थापा, किरण थापर, एसके ग्रुप की डायरेक्टर, किरण कपूर, मुख्य वक्ता दीपक बाली, दिव्या ज्योति जागरण संस्थान साधवी सुमेधा भारती ने विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल करने वाली 11 महिलाओं को सम्मानित किया। समारोह में हास्य कलाकार चाचा विषना व सूफी गायिका ज्योति सूरी ने समां बांध लिया तो अर्चना खुल्लर ने मां पर कविता उच्चारण कर सबको भावुक कर दिया। उन्हें इस मौके पर विशेष सम्मान के साथ सम्मानित किया गया। समारोह का मंच संचालन संगत राम ने किया। समारोह के अंत में एसटी ग्रुप के चेयरमैन हरीश कपूर ने संबोधित किया। इन महिलाओं को किया गया सम्मानित -एससीईआरटी की स्टेट कोआर्डिनेटर डॉ. श्रुति शुक्ला। -सीनियर डिप्टी मेयर सु¨रदर कौर। -शिक्षा के क्षेत्र में ¨प्रसिपल गु¨रदर जीत कौर सरकारी कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल नेहरू गार्डन। -दोआबा कॉलेज के पत्रकारिता विभाग की एचओडी डॉ. सिमरन सिद्धू। -समाज सेविका बीबी सुशील कौर उप प्रधान गुरु नानक मिशन इंटरनेशनल चेरिटेबल ट्रस्ट। -साहित्यकार, टीवी कलाकार व रिटार्ड प्रोफेसर सिवता तिवारी। -गायिका रंजना। -समाज सेविका मीनू शर्मा। -समाज सेविका प्रवीन अबरोल। -समाज सेविका डा. सीमा बेरी। -समाज सेविका नीति तलवाड़।

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