हजारी लाल, होशियारपुर

राजनेताओं में पद से उतरने के बाद भी सरकारी आवास की चकाचौंध जाती नहीं है। यहां तक कि नेताओं को सरकारी तंत्र की ओर से सरकारी आवास छोड़ने के लिए बार-बार पत्र लिखा जाता है। कुछ पर तो फिर असर नहीं होता है, मगर होशियारपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक पूर्व उद्योग मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा को जैसे ही यह मालूम पड़ा कि चरणजीत सिंह चन्नी के मंत्रिमंडल में उन्हें जगह नहीं मिली है। फिर क्या था, उन्होंने सरकारी आवास छोड़ने का फैसला भी आन दि स्पाट कर लिया। अरोड़ा की बेटी डा. शिवानी अरोड़ा पुरी होशियारपुर से ट्रक लेकर चंडीगढ़ पहुंचीं और ट्रक में सारा घरेलू सामान लाद कर सरकारी आवास को शनिवार को ही खाली कर दिया। राजनीतिज्ञों का मानना है कि पंजाब के इतिहास में शायद ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी नेता ने मंत्री पद के हटते ही उसी दिन सरकारी आवास को नमस्ते कर दिया हो। यह कहना भी गलत नहीं होगा कि यह एक अच्छी परंपरा है। हालांकि श्री अरोड़ा चाहते तो सरकारी आवास में कम से कम तीन माह अभी रह सकते थे।

इस बाबत बात करने पर श्री अरोड़ा ने कहा कि राजनीति में आने का ही उनका मिशन समाज सेवा है। जब अब वह मंत्रिमंडल नहीं हैं और कुछ नए चेहरों को मौका मिला है। इससे उन्होंने अपनी सुविधा न देखते हुए दूसरे को असुविधा न हो। इसलिए फौरी तौर पर आवास छोड़ने का फैसला किया। पार्टी हाईकमान ने पहले भी उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी थी उसे उन्होंने पूरी ईमानदारी से निभाया था। भविष्य में भी जो जिम्मा लगाएगी, उस पर पूरा खरा उतरेंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जनता के प्रेम ने उन्हें राजनीति के इस मुकाम तक पहुंचाया है। उसकी सेवा में वह हमेशा तत्पर रहेंगे।

बता दें कि श्री अरोड़ा सादगी राजनीति को ज्यादा पसंद करते रहते हैं। कैप्टन अमरिदर सिंह सरकार में उन्होंने कई बार बिना सिक्योरिटी के ही बाजारों में घूमने निकल पड़ते थे। कई बार रात में थानों की चेकिग भी कर चुके हैं।

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