वरिदर बेदी, होशियारपुर

शहर में ट्रैफिक पुलिस द्वारा व प्रशासन अधिकारी ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के दावे करते नहीं थकते। मगर सभी दावों के उल्ट शहर में दिन प्रतिदिन ट्रैफिक व्यवस्था चरमराती जा रही है। या यूं कहें कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था राम भरोसे हो तो कुछ गलत नहीं होगा। शायद ही शहर की कोई सड़क या बाजार ऐसा होगा जहां राहगीरों को उलझी हुई ट्रैफिक व्यवस्था का दंश न झेलना पड़े।

शहर में भारी वाहनों की वजह से ट्रैफिक व्यवस्था न बिगड़े इसके चलते सुबह आठ बजे से शाम आठ बजे तक शहरी सीमा में भारी वाहनों का प्रवेश बंद है। मगर फिर भी दिन के समय भारी वाहन शहर में दनदनाते फिरते हैं। हरियाना रोड से शहर के एंट्री प्वाइंट पर भंगी पुल चौक से अफगान रोड की तरफ भारी वाहनों को रोकने के लिए पुलिस द्वारा बैरीकेड भी लगा रखे हैं। बावजूद इसके अफगान रोड पर दिन के समय भी बड़े ट्रक खड़े रहते हैं। रोजाना दिन के समय ही इन ट्रकों से सामान की लोडिग-अनलोडिग होती रहती है। जिससे दिन के समय इस रोड से निकलना नाकों चने चबाने जैसा होता है। जहां दिन के समय गुजरते वक्त लोगों को कई बार जाम का सामना करना पड़ता है। सड़क के दोनों तरफ खड़े ट्रकों की वजह से लंबा जाम लग जाता है। जिससे लोग प्रशासन को कोसते नजर आते हैं।

बता दें कि भंगी पुल चौक से सब्जी मंडी चौक तक थोक व्यापारियों की दुकानें हैं। जिस वजह से सारा दिन यह रोड सबसे ज्यादा व्यस्त रहता है। हर छोटा बड़ा दुकानदार सामान लेने के लिए अफगान रोड स्थित थोक व्यपारियों के पास जाता है। मगर दिन के समय इस सड़क पर खडे बड़े ट्रक खड़े होने से यहां पर ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा जाती है। हालांकि भंगी पुल चौक में ट्रैफिक पुलिस मुलाजिम भी तैनात रहते हैं। मगर फिर भी बड़े वाहनों का शहर में प्रवेश करना ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगाता नजर आता है।

इसी तरह कमालपुर चौक से घंटाघर चौक तक दिन के समय बड़े वाहनों का प्रवेश बंद है। जिसके चलते कमालपुर चौक में इसको दर्शाता एक बोर्ड भी लगाया गया। रेलवे रोड पर बडे़ वाहनों के प्रवेश के लिए बैरीकेड लगा रखे हैं। मगर हकीकत के उल्ट कई बार दिन के समय इस बाजार बड़े वाहन गुजरने से जाम की स्थिति बन जाती है। इसी तरह जालंधर रोड की बात करें तो इस रोड पर भी वाहनों के पार्किंग के लिए पीली लाईन लगाई गई है। मगर अकसर देखने में आता है कि इस बाजार में खरीदारी करने के लिए आए लोग सड़क के बीच में गाड़ी पार्क कर देते हैं। जिससे अकसर जाम लगता है। जिससे यहां खींची येलो लाइन भी बेमाने होकर रह जाती है। चालान काटने में व्यस्त ट्रैफिक पुलिस

शहर के चौक चौराहों पर तैनात ट्रैफिक मुलाजिमों की बात करें तो यह भी ट्रैफिक कंट्रोल करने की बजाए चालान काटने में ही मशगूल दिखते हैं। शहर के चौकों में अकसर देखा जाता है कि यहां ट्रैफिक पुलिस मुलाजिम तैनात तो होते हैं। मगर उनके सामने ही राहगीर ट्रैफिक जाम से उलझते प्रशासन को कोसते नजर आते हैं। मगर इन चौकों में तैनात ट्रैफिक पुलिस कर्मी ट्रैफिक को सुचारू बनाने की बजाय चालान काटने को ही अपनी ड्यूटी समझते हैं।

ट्रैफिक पुलिस को मिल रहे आठ कर्मी

टीआइ मनमोहन कुमार ने कहा कि पहले मुलाजिमों की कमी थी। ट्रैफिक पुलिस को आठ नए मुलाजिम मिल रहे हैं। जिससे शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू बनाई जाएगी। भंगी पुल चौक व रेलवे रोड पर मुलाजिमों की तैनाती की जाएगी। अफगान रोड पर भी खड़े भारी वाहनों के चालान काटे जाएगे। इसके अलावा अगर दिन के समय बड़े वाहन की एंट्री पाई गई तो उसपर कार्रवाई की जाएगी। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए ट्रैफिक मुलाजिमों को हिदायत दी गई है। वहीं शहरवासियों से भी अपील है कि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए सहयोग करें।

Posted By: Jagran

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