राज, होशियारपुर

कोरोना के कारण लगाए गए क‌र्फ्यू के दौरान सभी बोर्डो के स्कूलों ने ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करवा दी है, ताकि बच्चों की पढ़ाई का नुकसान ना हो। अब तो राज्य सरकार ने भी दस मई तक बच्चों की गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। लेकिन स्टेशनरी व किताबों की दुकानें बंद होने के कारण विद्यार्थियों को किताबें ना मिलने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इस मुश्किल के हल के लिए सीबीएसई बोर्ड व पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड ने नया तरीका निकाल लिया है। इसके तहत सभी बच्चों को अपनी किताबें पंजाब बोर्ड व सीबीएसई बोर्ड से डाउनलोड करनी होगी। जिससे किसी भी बच्चे की पढ़ाई बर्बाद होने का तनाव पैदा न हो।

ऐसे में जहां अभिभावक फेसबुक के नोटिस बोर्ड पर संदेश लिखकर जहां पुरानी किताबों की मांग कर रहे हैं, वहीं जूनियर विद्यार्थी अपने स्कूल के सीनियर्स से पुरानी किताबें ले रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी छोटी क्लासों के अभिभावकों को हो रही है, क्योंकि उन्हें पुरानी किताबें नहीं मिल रही। यही नहीं बच्चों के पास कापियां भी नहीं है। जिससे वह अध्यापकों की ओर से भेजा जाने वाला काम कर सकें। हां इतना जरुर है, कुछ बच्चों ने पिछले साल की कॉपियों से बच्चे कागज निकालकर नहीं कापियां बना ली है। इस संबंध में हरजीत सिंह का कहना है कि उसकी बेटी सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल चौहाल में पढ़ रही है। यूं तो स्कूल की तरफ से बड़े अच्छे तरीके से ऑनलाइन क्लासें लगाई जा रही हैं। मगर परेशानी यह है विद्यार्थी अभी तक सामने किताब रखकर ही पढ़ते आए हैं। क‌र्फ्यू में दुकानें बंद होने से किताबें और कॉपियां मिल नहीं पाई।

लवजिदर का कहना है कि उसकी बेटी सेंट जोसेफ स्कूल में पढ़ रही है। स्कूल की तरफ से ऑनलाइन क्लासें शुरू की हुई हैं। जिसे नियमित अटेंड भी किया जा रहा है। मगर किताबें नहीं होने के कारण बेटी ज्यादा अच्छे से परफार्म नहीं कर पा रही है। क्योंकि किताबें सामने हों तो ज्यादा अच्छी तरह से पढ़ सकते हैं। आठवीं कक्षा की किताबें नहीं मिलंीं

निशा बंसल का कहना है कि उनकी बेटी एक निजी स्कूल में पढ़ रही है, आठवीं कक्षा की किताबें दुकानें बंद होने से मिली नहीं। फेसबुक पर संदेश लिखा था कि किसी के पास आठवीं की पुरानी किताबें हैं और अगर वो देना चाहता है रिप्लाई करे। इनबॉक्स में उनकी ही तरह छठी कक्षा के लिए किताबों देने की उनसे आग्रह किया था। तो उन्हें निशुल्क ही बेटी की पुरानी किताबें दे दी है।

पंजाब स्कूल एजुकेशन ने भी डाली किताबें

24 मार्च से क‌र्फ्यू लगने के कारण ज्यादातर विद्यार्थी अपनी किताबें नहीं खरीद पाए। इस कारण पहले पंजाब बोर्ड ने बच्चों को ऑनलाइन प्रक्रिया से पढ़ाने की कोशिश की। लेकिन कहीं न कहीं स्मार्टफोन न होने के कारण अध्यापकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा, वहीं बाजार बंद होने के कारण विद्यार्थी किताबें नहीं खरीद पाए। इस कारण पंजाब स्कूल एजूकेशन बोर्ड की ओर से भी छठी से लेकर बाहरवीं क्लास तक की किताबें ऑनलाइन प्रदान की जा रही हैं।

डाउनलोड की जा सकती हैं किताबें

एनसीईआरटी के सहायक डायरेक्टर शैलेंद्र सिंह ने बताया कि किताबें न होने का बहाना कई युवकों द्वारा लगाया जा सकता है, जबकि सच्चाई यह है कि सभी बोर्ड से जुड़े स्कूलों की किताबें ऑनलाइन उपलब्ध हैं। पंजाब बोर्ड स्कूल की किताबें ई-पंजाब ई-पोर्टल पर उपलब्ध हैं। जबकि सीबीएसई और आईसीएसई की छठी से 12वीं तक एनसीईआरटी की किताबें ऑनलाइन मिल रही है। ऐसे में किताबें डाउनलोड की जा सकती हैं। अध्यापक जो पढ़ा रहे हैं, वो भी बच्चों की सुविधा के लिए नोट्स अपलब्ध करवा रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों को परेशानी आती है तो वे अध्यापक से संपर्क करें और वाट्सएप या ई-मेल पर नोट्स मंगवाकर प्रेक्टिस भी कर सकते हैं। स्टेशनरी न मिलने से हो रही दिक्कत

सभी बच्चे अपने घरों में बंद है। ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान स्मार्ट फोन न होने के कारण कुछ विद्यार्थियों को पुरानी किताबों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके अलावा स्टेश्नरी न मिलने के कारण बच्चों को अपनी पुरानी कॉपियों के सहारे कार्य करने पड़ रहे हैं। ऐसे में राशन के साथ-साथ अब लोगों को बच्चों की पढ़ाई कराने के लिए किताबें और स्टेशनरी की कमी खलने लगी है। गिने चुने स्कूलों ने ही क‌र्फ्यू से पहले दाखिला शुरू किया था, जबकि कई स्कूलों को तो दाखिला शुरू किए महज चंद ही दिन हुए थे। ऐसे में अभिभावकों ने अभी बच्चों की किताबें ली ही नहीं थी। उनके लिए स्टेशनरी जुटा पाना भी मुश्किल सा हो गया है।

इन साइटों पर मिलेगीं किताबें

पंजाब बोर्ड की किताबें- एसएसए पंजाब डॉट ओआरजी सलैस मेटीरियल डॉट एचटीएमएल

सीबीएसई और आईसीएसई: द्धह्लह्लश्च//द्गश्चड्डह्लद्धह्यद्धड्डद्यड्ड.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ/द्गश्चड्डह्लद्धह्यद्धड्डद्यड्ड-4/द्घद्बद्यद्बश्चढ्डश्रश्रद्म/ष्टक्चस्श्व.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ

Posted By: Jagran

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