संवाद सहयोगी, दातारपुर : हजारों श्रद्धालुओं की श्रद्धा के केंद्र श्री दुर्गा माता मंदिर बड़ी दलवाली में मंदिर का 30वां स्थापना दिवस संपन्न हो गया। विद्वान आचार्य जय शंकर शास्त्री ने आध्यात्मिक विभूति राजिदर सिंह जिदा बाबा द्वारा नवग्रह पूजन करवाया। उसके बाद वैदिक मंत्रों द्वारा मानवता के कल्याण के लिए हवन में आहुतियां दी गईं और वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के प्रकोप से शांति के लिए वैदिक मंत्रों द्वारा हवन कुंड में आहुतियां दी गई। समूचे विश्व के भले की प्रार्थना करते हुए इस अवसर पर आध्यात्मिक विभूति राजिदर सिंह जिदा बाबा ने उपस्थिति को उपदेश देते हुए कहा कि मानव जीवन अति दुर्लभ है और कई जन्मों के बाद प्राप्त होता है। उन्होंने कहा सभी 84 लाख योनियों में मनुष्य योनी ही श्रेष्ठ है। क्योंकि इसी में मानव अपना कल्याण करते हुए इहलोक और परलोक भी संवार सकता है। उन्होंने कहा आहार निद्रा, भय और संतान उत्पत्ति सभी जीव करते हैं, परंतु केवल मनुष्य को ही ईश्वर ने विद्या बुद्धि और विवेक दिया है। जिदा बाबा ने कहा सभी शास्त्रों का सार है कि परोपकार करने से सुख की प्राप्ति होती है और किसी को दु:ख देने से पाप लगता है। परोपकार का फल होता है पुण्य पर पुण्य का फल होता है, सुख जबकि पाप का फल होता है। दुख इसलिए परोपकार करो और किसी को भी परेशान न करो।

इस अवसर पर सभी ने फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए और मास्क का इस्तेमाल किया। इस अवसर पर विजय सिंह, शाम लाल, जीवन, शीला, सुनीता, कांता देवी, कृष्णा देवी, गोला पंडित, राकेश कुमार, मोनू पठानिया, मंदीप सिंह, बख्तावर सिंह, रविदर शर्मा, प्रितपाल, कपिल डोगरा, ठाकुर सतपाल उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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