संवाद सहयोगी, दसूहा : सोमवार को दसूहा के रंधावा में पौंटी चड्ढा की एबी शुगर में बॉयलर फटने से एक कर्मी की मौत हो गई और दो कर्मी झुलस गए। बॉयलर फटने से जोरदार धमाका होने के साथ ही मिल के अंदर आग लग गई। हादसा इतना भयानक था की कि आग की चपेट में आने से एक कर्मी ¨जदा जल गया। मृतक की पहचान गगनदीप ¨सह (22) पुत्र बलजीत ¨सह निवासी घोगरा के रूप में हुई है। गगनदीप अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। वहीं झुलसने वालों में हेल्पर मनप्रीत ¨सहवासी रंधावा और उनका सीनियर है।

जानकारी के अनुसार दोपहर तीन बजे के करीब मिल का बॉयलर फटा गया इससे आग भड़क उठी और वहां पर काम कर रहा गगनदीप ¨सह उसकी चपेट में आने से ¨जदा जल गया। गगनदीप के साथ काम करने वाले दूसरे हेल्पर मनप्रीत ¨सह पुत्र जीत ¨सह वासी रंधावा ने बताया कि वह कुल चार कर्मचारी काम कर रहे थे। वह और गगनदीप पीएफ बना रहे थे। गगनदीप ¨सह केमिकल डालने जा रहा था कि केमिकल डालने से पहले ही आग लग गई।

बॉयलर फटने की वजह से नीचे का गार्डर टूट गया और गगनदीप आग की चपेट में आ गया। हादसे के वक्त उसका सीनियर थोड़ी दूर खड़ा था। उन्होंने आग बुझाने की कोशिश की मगर आग बुझाने की कोई चीज उनके पास नहीं थी। बड़ी मुश्किल से मिल के अन्य कर्मियों ने काफी देर की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। ब्लास्ट से शेड की छत भी उड़ गई

उसने कहा कि आधा घंटे तक न तो पानी मिला और न ही अन्य कोई सहायता। अगर समय पर सहायता मिल जाती तो शायद उसका साथी गगनदीप बच जाता। ब्लास्ट इतना जबरदस्त था कि शेड की छत तक उड़ गई। ब्लास्ट की जानकारी मिलते ही बोदल वासी मिल के अंदर घुस गए। लोगों ने मिल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की

गुस्साए मौजूद लोगों ने मैनेजमेंट के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उनसे डर कर मैनेजमेंट का टेक्निकल स्टाफ भी गायब हो गया। मिल मैनेजमेंट ने शिफ्ट इंचार्ज तथा ऑपरेटर को जख्मी हालत में सामने लाकर लीपापोती की कोशिश भी की। ऑपरेटर सुखजीत ¨सह ने कहा कि ब्यॉलर नहीं फटा। महज जबरदस्त धमाका हुआ है। इसका कारण मोबाइल का चलना अथवा कुछ और भी हो सकता है। ब्यॉलर फटता तो हम में से कोई भी नहीं बच पाता। उसके हाथ और चेहरे पर मामूली घाव थे। जबकि कुछ देर पहले ही उसने मिल मैनेजमेंट द्वारा उसे किसी तरह की मेडिकल सुविधा न दे सकने का आरोप लगाया था। उसने बताया कि वह ब्लास्ट के समय 20 फीट दूर था। डेढ़ घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड, तब तक आग पर काबू पा लिया गया था

हादसे के करीब डेढ़ घंटे बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची थी, लेकिन तब-तक सारा काम खत्म हो चुका था। यूं कहें की फायरब्रिगेड की गाड़ी जैसे आई थी, वैसे ही वापस लौट गई। मौके पर पहुंचे पंचायत समिति सदस्य बलदेव ¨सह बल्ली ने शराब मिल को पक्के तौर पर बंद करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मिल पहले ही प्रदूषण के द्वारा इर्द गिर्द के कई गांवों को कैंसर से पीड़ित कर चुकी है। जिनमें से कई मर चुके हैं। मगर उनके लगातार संघर्ष के बावजूद मैनेजमेंट बात तक सुनने को तैयार नहीं है। जांच के बाद चलेगा कारणों का पता: जीएम

मिल के जीएम टेक्निकल ने कहा कि यह प्लांट डिलीयूटेड अल्कोहल की ट्रीटमेंट प्लांट है। घटना के वक्त वह खाना खाने गए थे। मौके पर शिफ्ट इंचार्ज अरमनजीत तथा तीन अन्य हेल्पर थे। उन्होंने कहा कि हादसे की जांच के बाद ही असली कारणों का पता चल सकेगा। कार्रवाई शुरू की: एसडीएम

इस संबंध में एसडीएम दसूहा ने कहा कि प्रबंधन पर कार्रवाई कर दी गई है। डीएसपी दसूहा एआर शर्मा ने बताया कि धारा 304 अधीन मृतक के परिजनों के बयान पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। परिवार के साथ हैं: डिप्टी जीएम

मिल के डिप्टी जीएम देस राज ने कहा कि जांच के बाद ही हादसे के असली कारण का पता चल पाएगा। मृतक हमारा कर्मचारी था। इसके लिए हम दुख की घड़ी में परिवार के साथ हैं।

Posted By: Jagran

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