जेएनएन, होशियारपुर : पानी का बिल माफ और बिजली का बिल हाफ करने की मांग को लेकर वीरवार को सीपीआइ (एम) की अगुआई में समूह मजदूरों, किसानों व खेत मजदूरों ने मिनी सचिवालय के समक्ष नारेबाजी की। उन्होंने सरकार से मांग की कि लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखकर इस पर विचार किया जाए व पानी का बिल माफ किया।

उन्होंने मांग की कि बिजली के रेट पंजाब में सबसे अधिक हैं जबकि जो पंजाब से बिजली खरीदतें हैं वहां पर बिजली के बिल पंजाब से आधे हैं इसलिए अन्य प्रदेशों की तर्ज पर पंजाब के बिल कम किए जाएं। मौके पर मौजूद समूह प्रदर्शनकारियों ने मिनी सचिवालय के समक्ष लगभग तीन घंटे तक धरना दिया व पंजाब सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस रोष धरने को संबोधन करते हुए सीपीआइ(एम) के प्रदेश सचिव मेंबर कामरेड रघुनाथ सिंह, प्रदेश समिति मेंबर कॉमरेड दर्शन सिंह मट्टू, गुरमेश सिंह, महा सिंह रोड़ी, सुभाष मट्टू और जिला सचिवालय मेंबर महिदर कुमार, हरभजन सिंह अटवाल, गुरदयाल सिंह कोटली ने पंजाब सरकार से पुरजोर मांग की कि दिल्ली पैटर्न और पीने वाले पानी के बिल माफ और बिजली के बिल हाफ किए जाएं। उन्होंने कहा कि आवारा पशुओं, कुत्तों और जंगली जानवरों से लोगों के जान-माल की चौकीदारी की जाए। गैर-कानूनी माइनिग को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पंजाब सरकार ने पीने वाले पानी के बिल माफ और बिजली के बिल हाफ न किए तो सीपीआइ(एम)संघर्ष को और तेज करेगी।

Posted By: Jagran

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